ममता ने फिर दिखाए वही तेवर, 13 साल पहले 'धरना पॉलिटिक्टस' से 'लाल किले' में लगाई थी सेंध

ममता बनर्जी के मेट्रो चैनल पर धरने पर बैठने के साथ ही माना जा रहा है कि वह एक बार फिर से 13 साल बाद 'धरना पॉलिटिक्स' पर लौट रहे हैं. साल 2006 में सिंगूर में टाटा का कारखाना लगाने के खिलाफ ममता बनर्जी ने मेट्रो चैनल पर ही 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थीं.

ममता ने फिर दिखाए वही तेवर, 13 साल पहले 'धरना पॉलिटिक्टस' से 'लाल किले' में लगाई थी सेंध
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर से मेट्रो चैनल पर धरने पर बैठ गई हैं.
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कोलकाता: केंद्र पर तीखा हमला बोलते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata banerjee) ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर आरोप लगाया कि वे राज्य में तख्ता पलट का प्रयास कर रहे हैं. इससे पहले सीबीआई की एक टीम ने चिट फंड घोटाला मामलों में कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से पूछताछ का नाकाम प्रयास किया. ममता की यह टिप्पणी उसके बाद आई है. ममता ने आरोप लगाया कि सीबीआई कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रतिशोध वाली और संवैधानिक मानदंडों पर हमला है. बाद में वह एस्प्लेनेड में धरने पर बैठ गयीं.

कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार, पश्चिम बंगाल के डीजी वीरेंद्र और एडीजी (कानून व्यवस्था) अनुज शर्मा भी धरना स्थल पर मौजूद थे. एक तृणमूल कांग्रेस नेता ने कहा, 'हम ममता बनर्जी के नेतृत्व में संविधान की रक्षा के लिए यहां आए हैं.'

ममता बनर्जी के मेट्रो चैनल पर धरने पर बैठने के साथ ही माना जा रहा है कि वह एक बार फिर से 13 साल बाद 'धरना पॉलिटिक्स' पर लौट रहे हैं. साल 2006 में सिंगूर में टाटा का कारखाना लगाने के खिलाफ ममता बनर्जी ने मेट्रो चैनल पर ही 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थीं. ममता के इस भूख हड़ताल के बाद उन्हें पश्चिम बंगाल में काफी जन समर्थन मिला था. यहां वामदलों की सरकार चली गई थी. इस बार वह बीजेपी और केंद्र सरकार के खिलाफ धरने पर बैठी हैं.

धरने पर बैठीं ममता बनर्जी ने कहा कहा, ‘मुझे ऐसे प्रधानमंत्री से बात करने में शर्म महसूस होती है, जिनके हाथों में खून लगा है.' ममता ने कहा, ‘नरेंद्र मोदी और अमित शाह राज्य में तख्तापलट का प्रयास कर रहे हैं क्योंकि हमने 19 जनवरी को विपक्ष की रैली आयोजित की थी. हम जानते थे कि रैली आयोजित करने के बाद सीबीआई हम पर हमला बोलेगी.’ वह ब्रिगेड रैली का जिक्र कर रही थीं जिसमें करीब 20 विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए थे. उन्होंने कहा कि सीबीआई की कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध वाली है.

उन्होंने पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के आवास के बाहर जल्दबाजी में बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हमारी सरकार ने सत्ता में आने के बाद चिट फंड मालिकों को गिरफ्तार किया. हमने ही मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया.’’ ममता ने कहा कि वे साबित करें कि कुमार चिट फंड घोटाले में शामिल हैं.

उन्होंने कहा, 'कानून व्यवस्था राज्य का विषय है. हमें आपको (सीबीआई को) सब कुछ क्यों देना चाहिए? उन्हें पुलिस आयुक्त के आवास पर बिना किसी वारंट के आने के लिए इतना दुस्साहस कहां से मिल रहा है?' ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर आरोप लगाया कि वे राज्य में तख्ता पलट का प्रयास कर रहे हैं.

ममता बनर्जी ने कहा, 'मेरे घर पर भी सीबीआई भेज रहे हैं. 2011 में हमारी ही सरकार ने चिटफंड घोटाले के ख़िलाफ जांच शुरू की थी. हमने गरीबों के पैसे लौटाने के लिए काम किया था. हमने दोषियों को पकड़ने के लिए एक कमेटी बना दी थी. सीपीएम के समय में चिटफ़ंड शुरू हुआ था पर उनके खिलाफ जांच क्यों नहीं हुई?' उन्होंने कहा, 'मैं दुखी हूं. मैं डरने वाली नहीं हूं. मैं जानती हूं कि देश के लोग मेरा समर्थन करेंगे.'

ममता को विपक्ष का समर्थन
13 साल पहले जब ममता ने 26 दिनों की भूख हड़ताल की थीं तब वह अकेली थीं, इस बार उनके साथ पूरा विपक्ष है. कांग्रेस सहित कई विपक्षी पार्टियों ने रविवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपना समर्थन दिया. वह चिटफंड घोटाला मामले में कोलकाता पुलिस प्रमुख से सीबीआई की पूछताछ के प्रयास के खिलाफ धरने पर बैठी हैं. विपक्ष ने सीबीआई को ‘भाजपा का गठबंधन सहयोगी’ बताया. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बनर्जी से फोन पर बात की और उनके प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा विपक्ष एकजुट है और यह फासीवादी ताकतों को हराएगा. 

राहुल ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल का घटनाक्रम भारत की संस्थाओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा के निरंतर हमलों का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कंधे से कंधा मिलाकर ममता के साथ है.

कांग्रेस ने कहा कि कोलकाता में सीबीआई की कार्रवाई स्पष्ट तौर पर शक्ति का गलत इस्तेमाल करने और संघीय राजनीति पर ‘हमला’ करने जैसा है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा प्रमुख अमित शाह द्वारा सार्वजनिक तौर पर दी गई ‘धमकी’ के 48 घंटे के भीतर आया है.

लालू-केजरीवाल ने भी दिया समर्थन
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘ममता दीदी से बात की और अपनी एकजुटता जाहिर की. मोदी-शाह दोनों की कार्रवाई पूरी तरह से अजीब और अलोकतांत्रिक है.' राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद भी तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो के समर्थन में आए हैं. लालू ने ट्वीट करते हुए कहा कि देश में संविधान और संवैधानिक संस्थाएं ‘अप्रत्याशित संकट’ का सामना कर रही हैं. उन्होंने कहा कि देश में गृह युद्ध पैदा करने की कोशिश की जा रही है. प्रसाद अभी जेल में हैं और उनका ट्विटर हैंडल कोई करीबी चलाता है. 

आरजेडी के सूत्रों के मुताबिक राजद सुप्रीमो प्रसाद के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने बनर्जी से फोन पर बातचीत की और वह अपनी एकजुटता प्रकट करने के लिए सोमवार को कोलकाता जा सकते हैं. वहीं तेजस्वी ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘भाजपा के दबाव में सीबीआई द्वारा पिछले कुछ महीने में लिए गए राजनीतिक फैसलों को देखते हुए राज्य सरकारें इस तरह का कदम उठाने के लिए मजबूर है. अगर सीबीआई भाजपा की गठबंधन सहयोगी की तरह काम करना जारी रखेगी तो उसे लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है. कोई भी लोकतंत्र में जनता से ऊपर नहीं है.'

एनसीपी ने भी किया सपोर्ट
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को अपना समर्थन देते हुए राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार ने ट्वीट किया, ‘‘ यह स्तब्ध कर देने वाला है कि पश्चिम बंगाल में केंद्र सरकार इस हद तक जा सकती है. यह संघीय ढांचे पर हमला है.' नेशनल कांफ्रेंस के नेता एवं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी बनर्जी का समर्थन करते हुए कहा कि राजनीतिक हथकंडे के तौर पर एजेंसी का इस्तेमाल करना सभी हदों को पार करना है.

कोलकाता में धरना स्थल पर ममता ने कहा कि कई विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने उन्हें फोन करके ‘‘संविधान की रक्षा’’ की उनकी लड़ाई में अपना समर्थन और अपनी एकजुटता व्यक्त की है. ममता ने कहा, ‘अखिलेश यादव (सपा), तेजस्वी यादव (राजद), चंद्रबाबू नायडू (तेदेपा), उमर अब्दुल्ला (नेकां), अहमद पटेल (कांग्रेस) एवं एम के स्टालिन (द्रमुक) ने मुझे फोन करके अपनी एकजुटता एवं अपना समर्थन व्यक्त किया.’