UP पुलिस के ट्वीट पर बड़ी कार्रवाई, MP पुलिस के दो अधिकारियों पर गिरी गाज

यूपी पुलिस ने अपने एक ट्विटर अकाउंट से एक तोड़फोड़ करने वाले वीडियो को जबलपुर पुलिस का बताया है. यूपी पुलिस का ये ट्वीटर एकाउंट वायरल फैक्ट को क्लीयर किया करता है. 

UP पुलिस के ट्वीट पर बड़ी कार्रवाई, MP पुलिस के दो अधिकारियों पर गिरी गाज
फोटो साभार: वीडियो ग्रैब

कर्ण मिश्रा/जबलपुर: नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए उग्र प्रदर्शन के दौरान जबलपुर में गाड़ियों में तोड़फोड़ करने का मामला सामने आया था. चौंकाने वाली बात ये थी कि ये तोड़फोड़ खुद पुलिसकर्मियों के द्वारा की गई थी. इस मामले में दो पुलिस अधिकारियों पर  गाज गिरी है. जबलपुर के एडिशनल एसपी और एक सीएसपी को हटा दिया गया है. इन दोनों अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय, भोपाल में अटैच कर दिया गया है. मामले में एडिशनल एसपी राजेश कुमार त्रिपाठी और सीएसपी देवेश पाठक का तबादला कर दिया गया है.

मामले के बाद 24 घंटे के अंदर पीएचक्यू की कार्रवाई
महज 24 घंटे भी पूरे नहीं बीते और पुलिस मुख्यालय से एडिशनल एसपी राजेश कुमार त्रिपाठी, सीएसपी देवेश कुमार पाठक एवं थाना प्रभारी गोहलपुर प्रवीण धुर्वे एवं थाना प्रभारी हनुमान ताल संजय सिंह के तबादला आदेश जारी हो गया. जिसमें चारों पुलिस अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय अटैच किया गया. जिस तरह से एक ट्वीट के बाद चार पुलिस अधिकारियों पर गाज गिरी है. ऐसे में वीडियो में दिख रहे अन्य पुलिसकर्मी भी अब पुलिस हेड क्वार्टर की रडार पर है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई और पुलिसकर्मियों पर गाज गिरती हुई नजर आएगी.

दरअसल, यूपी पुलिस ने अपने एक ट्विटर अकाउंट से एक तोड़फोड़ करने वाले वीडियो को जबलपुर पुलिस का बताया है. यूपी पुलिस का ये ट्वीटर एकाउंट वायरल फैक्ट को क्लीयर किया करता है. इस वीडियो के कारण दोनों प्रदेश की पुलिस आमने-सामने आ खड़ी हुई थीं. इसमें पुलिस सार्वजनिक संपत्ति पर तोड़फोड़ करती दिख रही है. इस पूरे मामले पर जबलपुर एसपी अमित सिंह ने कहा था कि सोशल मीडिया पर यूपी पुलिस का ट्वीट करना ठीक नही है. वीडियो को लेकर ट्विटर वॉर पर एसपी ने नाराजगी जताई थी.

जबलपुर एसपी ने कहा था कि पुलिस किसी भी राज्य की हो, वह पुलिस ही होती है. सार्वजनिक तौर पर ऐसे ट्वीट करना ठीक नही है. उन्होंने कहा था कि कानून व्यवस्था की स्थिति में ऐसे कई वीडियो वायरल होते हैं. ऐसे में पहले वीडियो की सत्यता जांच लेनी चाहिए. वीडियो की पुष्टि के सवाल पर एसपी ने कहा था कि वे इस वीडियो की वैधानिकता की जांच करेंगे. उसके बाद वीडियो जबलपुर का पाया जाता है तो, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी. आपको बता दें कि बीते शुक्रवार को सीएए और एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन के दौरान जबलपुर में उपद्रव मचा था. जिससे कानून व्यवस्था बिगड़ते देख जबलपुर के 4 थाना क्षेत्रों मे कर्फ्यू लगा दिया गया था. वहीं, अभी तक जिले में धारा 144 प्रभावी है.