सतना: प्रशासन की लापरवाही से किसान परेशान, अधिकांश धान खरीदी केंद्र पड़े हैं बंद

सरकार के निर्देश के अनुसार 25 नवंबर से 25 जनवरी तक समर्थन मूल्य पर धान खरीदने की समय सीमा निर्धारित है. मगर, सतना में जिला प्रशासन की लापरवाही से अधिकांश खरीदी केंद्र खुले ही नहीं हैं.  

सतना: प्रशासन की लापरवाही से किसान परेशान, अधिकांश धान खरीदी केंद्र पड़े हैं बंद
अभी तक जिले में सिर्फ 4 लाख मैट्रिक टन धान की खरीदी हुई है. जबकि जिला प्रशासन ने 30 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है.

सतना: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सतना (Satna) जिले में प्रशासनिक लापरवाही से किसान परेशान हैं. जिले में एक माह गुजर जाने के बाद भी कई केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू नहीं हो पाई है. जिससे, जिले के 46 खरीदी केंद्रों में आने वाले कई गांवों के किसान परेशान हैं. बता दें कि सतना में इस साल भी धान का बंपर उत्पादन हुआ है. 

सरकार ने धान का समर्थन मूल्य निर्धारित किया और समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था भी की. सतना जिला प्रशासन ने जिले में 72 केंद्र बनाये, मगर एक माह गुजर जाने के बाद भी 46 केंद्रों पर धान की खरीदी शुरू नहीं हुई है. किसानों ने बताया कि न पंजीकृत किसानों को मैसेज आ रहे हैं और ना ही केंद्रों का पता चल पा रहा है. किसान अब अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं.

गौरतबल है कि अभी तक जिले में सिर्फ चार लाख मैट्रिक टन धान की खरीदी हुई है. जबकि जिला प्रशासन ने 30 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है. सरकार के निर्देश के अनुसार 25 नवंबर से 25 जनवरी तक समर्थन मूल्य पर धान खरीदने की समय सीमा निर्धारित है. मगर, सतना में जिला प्रशासन की लापरवाही से अधिकांश खरीदी केंद्र खुले ही नहीं हैं.

ऐसे में किसान के मुद्दे को लेकर विपक्ष दल भाजपा प्रदेश सरकार पर किसानों को छलने का आरोप लगा रही है. सतना सांसद की माने तो किसानों के मामले में न सरकार और न ही जिला प्रशासन संवेदनशील है.

हालांकि, इस मामले में सतना जिला प्रशासन का अलग ही तर्क है. जिला कलेक्टर की माने तो किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है. हर किसान की धान हर हाल में खरीद ली जाएगी, इसके लिए सभी खरीदी केंद्रों की मैपिंग हो चुकी है.