मध्य प्रदेशः जबलपुर हाईकोर्ट में लगी भीषण आग, फर्नीचर और कानून की कई किताबें जलकर खाक

न्यायालय में आग देखकर फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद दमकल की लगभग 10 गाड़ियां घटना स्थल पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कर दीं. इस दौरान आग की चपेट में आने से यहां रखे फर्नीचर और कानून की किताबें भी जलकर खाक हो गईं.

मध्य प्रदेशः जबलपुर हाईकोर्ट में लगी भीषण आग, फर्नीचर और कानून की कई किताबें जलकर खाक
न्यायालय की पहली मंजिल में लगी थी आग. (फोटो साभारः ANI)

जबलपुर: सोमवार की शाम मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच में अचानक उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब लोगों ने न्यायालय की पहली मंजिल को आग में धधकता देखा. न्यायालय में आग देखकर फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद दमकल की लगभग 10 गाड़ियां घटना स्थल पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कर दीं. इस दौरान आग की चपेट में आने से यहां रखे फर्नीचर और कानून की किताबें भी जलकर खाक हो गईं. वहीं काफी प्रयासों के बाद दमकल की गाड़ियां आग पर काबू पाने में सफल हो पाईं. 

मिली जानकारी के मुताबिक घटना शाम को करीब 6 बजे की है. बता दें सोमवार की शाम को उच्च न्यायालय के साउथ ब्लॉक की पहली मंजिल पर अचानक आग लग गई. बताया गया है कि उच्च न्यायालय की जिस मंजिल में आग लगी है, उसमें पुराना फर्नीचर और कानून की किताबें रखी हुई हैं. वहां आग की ऊंची-ऊंची लपटें देखी जा रही हैं. आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है. कुछ लोग आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बता रहे हैं. 

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बता दें यह पहला मामला नहीं है जब किसी न्यायालय में आग लगी हो. इससे पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जब किसी अदालत में आग लग चुकी है. इसी साल उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद के जिला न्यायाधीश के रिकॉर्ड रूम में भी आग लग गई थी. जिसके बाद इस घटना में न्यायाधीश के ऑफिस में रखे कई जरूरी कागजात जलकर खाक हो गए थे. इसके अलावा दिसंबर 2018 में भी एक ऐसी ही घटना सामने आई थी, जब बलिया के दीवानी न्यायालय में आग लग गई थी, जिसमें हजारों फाइलें आग की चपेट में आ गई थीं.

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वहीं इससे पहले मध्य प्रदेश की मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर शहर के पोलोग्राउंड क्षेत्र में 31 मई की रात को विद्युत मंडल के कार्यालय में भी आग लग गई थी, जिससे आधा शहर अंधेरे में डूब गया था. 31 मई की रात करीब 8:30 बजे चंबल ग्रिड से जुड़े पोलोग्राउंड स्थित 66 एमवीए की ग्रिड में अचानक आग लग जाने से लैब में रखा करोड़ों का रिसर्च उपकरण भी जलकर खाक हो गया था. जिसके बाद शहर के लोगों को काफी दिनों तक बिजली की समस्या का भी सामना करना पड़ा था.