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मध्य प्रदेशः कर्ज माफ न होने से बढ़ी किसानों की परेशानी, नए ऋण के लिए काट रहे बैंक के चक्कर

इंट्री न होने और प्रमाण पत्रों का वितरण न होने की वजह से किसानों को परेशानी हो रही है. किसानों का कहना है कि खेती का सीजन शुरु हो चुका है लेकिन अब तक वे खाद बीज नहीं खरीद पाए हैं.

मध्य प्रदेशः कर्ज माफ न होने से बढ़ी किसानों की परेशानी, नए ऋण के लिए काट रहे बैंक के चक्कर
खेती का सीजन शुरु हो चुका है लेकिन अब तक वे खाद बीज नहीं खरीद पाए हैं

नई दिल्लीः राज्य शासन जिले में 63 हजार किसानों का 159 करोड़ रुपए का ऋण माफी का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत ये है कि अधिकांश किसानों के खाते में न तो अब तक ऋण माफी की इंट्री हो पाई है न ही उनको ऋणमाफी का प्रमाण पत्र मिला है. आलम ये है कि खेती के लिए नया ऋण लेने किसानों को बैंकों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं. किसान परेशान हैं और अधिकारी सारी व्यवस्था दुरुस्त होने का दावा कर रहे हैं. राज्य शासन की किसान ऋण माफी योजना के तहत जिले में 63 हजार किसानों को राज्य शासन ने पात्र पाया था.

इन किसानों पर तकरीबन 159 करोड़ रुपए का कृषि ऋण था. शासन के दावे के मुताबिक इन किसानों का ऋण माफ हो चुका है. लेकिन जिले में किसानों के खातों में अब तक इसकी इंट्री ही नहीं हो पाई है. ऐसे में किसानों को खेती के लिए नया ऋण नहीं मिल पा रहा है. जानकर हैरत होगी कि बीते साल जून तक जहां 30 हजार किसानों ने कृषि के लिए ऋण लिया था वहीं इस साल ऋण लेने वाले किसानो की संख्या महज 3582 है. 

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इन किसानों ने खेती के लिए 813 लाख रुपए का केसीसी लोन और खाद बीज के लिए ऋण लिया है. अपेक्स बैंक के आंकड़े कहते हैं कि 39 हजार 6 किसानों का 103 करोड़ 34 लाख रुपए का और 23830 डिफाल्टर किसानों का 55 करोड़ 57 लाख रुपए का कर्ज माफ हो चुका है. लेकिन इंट्री न होने और प्रमाण पत्रों का वितरण न होने की वजह से किसानों को परेशानी हो रही है. किसानों का कहना है कि खेती का सीजन शुरु हो चुका है लेकिन अब तक वे खाद बीज नहीं खरीद पाए हैं. ऋण नहीं मिलने पर मजबूरन उन्हें साहूकारों से कर्ज लेना पड़ेगा.

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इधर मामले में अधिकारियों का कहना है कि इंट्री में थोड़ी देरी जरूर हुई है, लेकिन फिर भी खातों में इंट्री की जा रही है. अपैक्स बैंक के रीजनल मैनेजर का कहना है कि प्रमाण पत्रो के वितरण किये जा रहे हैं. शासन ने इसके लिए 30 जून तक का टारगेट दिया है. सभी शाखाओं को ऋण माफी प्रमाण पत्र वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही किसानों की इंट्री और प्रमाणपत्र वितरण का काम हो जाएगा.