हींग लगे न फिटकरी और मिलावट करके रंग चोखा लाने के चक्कर में थे, फैक्ट्री पर छापा, नकली हींग जब्त

छापामार कार्रवाई करने पहुंचे कुछ अधिकारियों ने तो अपना पेट ही पकड़ लिया. जब उन्हें पता चला कि हाजमा ठीक करने वाले हींग में भी कुछ लोग केमिकल्स के जरिये मिलावट कर रहे हैं. पढ़िए पूरी खबर... 

हींग लगे न फिटकरी और मिलावट करके रंग चोखा लाने के चक्कर में थे, फैक्ट्री पर छापा, नकली हींग जब्त
MK Traders कम्पनी की फैक्ट्री में छापामारी करने पहुंची STF की टीम

वैभव शर्मा/इंदौरः दिवाली के समय अक्सर मिठाईयों में मिलावट की खबरें आती है. लेकिन दिवाली खत्म होने के बाद इंदौर के पालदा क्षेत्र से हींग में मिलावट की जानकारी मिली है. यहां इंदौर STF (Special Task Force) की टीम शहर के हिम्मत नगर की हींग फैक्ट्री में कार्रवाई करने पहुंची थीं. जहां पहुंचते ही टीम के होश उड़ गए, जब उन्होंने देखा हजारों रुपये प्रति किलो के भाव से बिकने वाली हींग जमीन पर पड़ी सड़ रही है.

छापामार कार्रवाई करने पहुंचे कुछ अधिकारियों ने तो अपना पेट ही पकड़ लिया. जब उन्हें पता चला कि हाजमा ठीक करने वाले हींग में भी कुछ लोग केमिकल्स के जरिये मिलावट कर रहे हैं. 

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खाद्य विभाग की टीम पहुंची फैक्ट्री
STF (Special Task Force) के एक जवान को सूचना मिली थी कि MK Traders के यहां मिलावटी हींग बनाई जा रही है. जवान ने वरिष्ठ अधिकारियों को इस बारे में सूचित किया. खबर पक्की होते ही एसटीएफ की टीम ने खाद्य विभाग के साथ मिलकर फैक्ट्री पर दबिश दी. जहां उन्होंने 14 क्विंटल मिलावटी हींग और करीब 31 क्विंटल हींग बनाने की सामग्री जब्त की. 

जमीन पर ही बना रहे थे हींग
खाने में एक चुटकी से भी कम मात्रा में मिलाने पर खाने की सुगंध बदलने वाली हींग की हालत फैक्ट्री में अत्यंत दयनीय थी. हींग खुली जमीन पर बिना सुरक्षा के बनाई जा रही थी. नियमों के अनुसार खाद्य सामग्री को सुरक्षा और साफ सफाई के मानकों का ध्यान रख कर तैयार किया जाता है. लेकिन यहां इंदौर की फैक्ट्री में सफाई और सुरक्षा को नजरअंदाज कर काम हो रहा था. 

स्कीन प्रॉब्लम्स वाले केमिकल से बना रहे थे हींग
अक्सर लोग मैदा और तेल से बने पकवानों को खाने के बाद हाजमे की चिंता करते हैं, और हींग से बने खाद्य पदार्थ का सेवन करते हैं. लेकिन यहां उसी मैदे को मिलाकर हींग तैयार किया जा रहा था. साथ ही औलियोरेसिन केप्सिकम (oleoresin capsicum) नाम का केमिकल भी यहां के हींग में मिलाया जा रहा था. जानकारी के अनुसार इस केमिकल का सेवन त्वचा से संबंधित बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता है. 

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