महाराष्ट्र विधानसभा में जमकर हंगामा, BJP विधायकों ने लहराए सामना के आर्टिकल

किसानों को 25 हजार प्रति हेक्टअर मदद दिए जाने की बात को लेकर बीजेपी विधायक सुबह से ही आक्रामक थे.

महाराष्ट्र विधानसभा में जमकर हंगामा, BJP विधायकों ने लहराए सामना के आर्टिकल

नागपुर: महाराष्ट्र विधानसभा (Maharashtra Vidhansabha) में मंगलवार को किसानों के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ. महाराष्ट्र के नागपुर (Nagpur) में विधानसभा परिसर में भाजपा और शिवसेना के विधायकों के बीच धक्का-मुक्की तक की नौबत भी आ गई. दरअसल, किसानों को 25 हजार प्रति हेक्टअर मदद दिए जाने की बात को लेकर बीजेपी विधायक सुबह से ही आक्रामक थे. बीजेपी विधायकों ने किसानों की मदद की मांग करते हुए सामना के एक आर्टिकल का पोस्टर भी सदन में लहराया. जिसमें किसानों को 25 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर देने की मांग की गई थी. 

प्रदर्शन के दौरान बीजेपी के विधायक अभिमन्यू पवार पोस्टर लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पास पहुंच गए. शिवसेना विधायकों ने इसका विरोध किया और इसी बात पर दोनो पक्षों के बीच धक्का मुक्की हो गई. आपको बता दें कि सरकार गठन से पहले शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस तीनों ही पार्टियों ने किसानों का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया था. तीनों ने अपने-अपने तरीके से सरकार से किसानों की मदद की मांग की थी. 

आपको बता दें कि मंगलवार को विधानसभा की शुरुआत मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) के भाषण के साथ हुई. अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने कहा कि सामने के लोग हमेशा हमारे काम में अड़चन लाने का प्रत्यन करेंगे. हमारे साथ चलने की बजाय हमारे काम में अड़चन पैदा करना ही उनका काम है. इसलिए हमें सावधान रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि सभागृह में क्या करना है ये मैंने आप लोगों को बता दिया है लेकिन इसके अलावा भी मेरे सामने कई चुनौतियां हैं. 

उन्होंने कहा आज देश मे अराजकता का माहौल है लेकिन इसका महाराष्ट्र पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए. केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने कहा कि दिल्ली की सत्ता को जो काम करना चाहिए वो वे काम कर नहीं रहे हैं, इसलिए देश का वातावरण बिगड़ा हुआ है.

इसका जवाब देने के लिए विपक्ष के नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस (Devendra Fadnavis) खड़े हुए और उन्होंने कहा कि ये सरकार किसानों की बात करती है. जबतक किसानों को 25 हजार रूपए प्रति हेक्टेअर देने की घोषणा नहीं करती है तब तक विपक्ष सदन को चलने नहीं देगा. इसके बाद सदन मे खूब हंगामा हुआ और कामकाज को आधे घंटे के लिए रोक दिया गया.

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