सेना में अस्थायी भत्ता रोके जाने पर सरकार ने कहा, 'जरूरत पड़ने पर और धन दिया जाएगा'

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सभी मदों में पर्याप्त धन आवंटित किया गया हैं जिसमें अस्थायी एवं स्थायी ड्यूटी मद में आवंटित धन भी शामिल हैं.

सेना में अस्थायी भत्ता रोके जाने पर सरकार ने कहा, 'जरूरत पड़ने पर और धन दिया जाएगा'
(प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्ली: धन की कमी के कारण सेना द्वारा अस्थायी भत्तों पर रोक लगाने की खबरों के बीच रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि धन की कमी स्थायी नहीं है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त धन मुहैया कराया जाएगा. अस्थायी भत्ते अधिकारियों को दौरे एवं प्रशिक्षण के उद्देश्य से की गई यात्राओं के लिए दिए जाते हैं.

सेना में 13 लाख जवान हैं और कम से कम एक हजार अधिकारी हर समय यात्राओं पर अथवा पाठ्यक्रमों में हिस्सा लेने, सम्मेलनों में जाने या अभ्यासों में हिस्सा लेने सहित अन्य तरह की 'अस्थायी ड्यूटी' पर होते हैं. खबरों पर प्रतिक्रिया जताते हुए रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सभी मदों में पर्याप्त धन आवंटित किया गया हैं जिसमें अस्थायी एवं स्थायी ड्यूटी मद में आवंटित धन भी शामिल हैं.

रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया,‘कभी-कभार किसी विशेष मद में आवंटित धन वास्तविक खर्च से कम पड़ सकता है. ये कमी अस्थायी हैं और नियमित पुनर्विनियोजन के माध्यम से इनका हल निकाला जाता है. जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त धन मुहैया कराया जाएगा.’

(इनपुट - भाषा)