UN लक्ष्यों के आधार पर राज्यों की रैंकिंग, नीति आयोग करेगी रिपोर्ट जारी

भारत में विकास के काम कितने हुए इस पर अब संयुक्त राष्ट्र -United Nation (UN) के आधार पर भी राज्यों की रैंकिंग होगी. नीति आयोग ने पहली बार राज्यों के लिए विकास के अंतरराष्ट्रीय आधार पर भी इंडेक्स बनाने की तैयारी में है. इससे हम गरीबी, कुपोषण और स्वास्थ्य जैसे अहम अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बेहतर काम कर सकेंगे.

UN लक्ष्यों के आधार पर राज्यों की रैंकिंग, नीति आयोग करेगी रिपोर्ट जारी
(नीति आयोग) फाइल फोटो

भारत में विकास के काम कितने हुए इस पर अब संयुक्त राष्ट्र -United Nation (UN) के आधार पर भी राज्यों की रैंकिंग होगी. नीति आयोग ने पहली बार राज्यों के लिए विकास के अंतरराष्ट्रीय आधार पर भी इंडेक्स बनाने की तैयारी में है. इससे हम गरीबी, कुपोषण और स्वास्थ्य जैसे अहम अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बेहतर काम कर सकेंगे.

SDG के ज्यादातर लक्ष्य भारत के लक्ष्यों से मिलते जुलते
मामले से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र के सस्टेनेबल डेवलेपमेंट गोल्स sustainable development goals (SDG) और भारत के विकास के लक्ष्य लगभग समान ही हैं. SDG में UN ने विभिन्न देशों से विकास से जुड़े मामलों में एक तय लक्ष्य को समय सीमा के भीतर पूरा करने को कहा है. भारत भी इन मुद्दों को अपने पॉलिसी में शामिल करके अपने हिसाब से काम करता है. सरकार इन मुद्दों पर गंभीरता लाने के लिए ही राज्यों के लिए इसके आधार पर रैंकिंग करना चाहता है ताकि केंद्र सरकार के साथ राज्य भी उतनी ही गंभीरता से काम कर सकें.


सस्टेनेबल डेवलेपमेंट गोल्स - SDG

गरीबी, भुखमरी, स्वास्थ्य, शिक्षा और और पीने का पानी समेत 17 मुद्दों के आधार पर होगी रैंकिंग
SDG  के लक्ष्यों के हिसाब से भारत को गरीबी, भुखमरी, स्वास्थ्य, शिक्षा और और पीने का पानी समेत 17 मामलों में एक तय लक्ष्य पूरा करना है. केंद्र सरकार इन्हीं को आधार मानकर अपने नए पॉलिसी बनाकर राज्यों को लागू करने को कहती है. नीति आयोग का मानना है कि अगर SDG के लक्ष्यों की अहमियत राज्यों तक पहुंचने लगेंगी तो राज्य उतनी ही मुस्तैदी से काम कर पाएंगे. केंद्र सरकार इस रैंकिंग के आधार पर बेहतर राज्यों को पुरस्कृत करेगी जबकि पिछड़े राज्यों को तकनीकी मदद मुहैया कराएगी.