NTRO का बड़ा खुलासा, एयर स्ट्राइक के वक्त आतंकी कैंपों में एक्टिव थे 300 मोबाइल

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर हमले के दौरान टेक्निकल सर्विलांस से पता चला था कि आतंकी कैंपों में 300 मोबाइल एक्टिव थे.

NTRO का बड़ा खुलासा, एयर स्ट्राइक के वक्त आतंकी कैंपों में एक्टिव थे 300 मोबाइल
इस हमले के बाद पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति एनएससी की एक विशेष बैठक भी हुई.

नई दिल्ली: पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक कर तबाह कर दिया था. कहा जा रहा है कि इन आतंकी ठिकानों पर हुए हमले में 300 आतंकियों की मौत हो गई थी. इसके बाद से ही विपक्ष के कई नेताओं ने एयर स्ट्राइक के सबूत देने और मारे गए आतंकियों की संख्या बताने को लेकर केंद्र सरकार से सवाल पूछना शुरू कर दिया था. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, सूत्रों की मानें तो, राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन (NTRO) ने बताया है कि एयर स्ट्राइक दौरान आतंकी कैंपों में 300 मोबाइल फोन एक्टिव थे.

सूत्रों के अनुसार, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर हमले के दौरान टेक्निकल सर्विलांस से पता चला था कि आतंकी कैंपों में 300 मोबाइल एक्टिव थे. इससे साफ पता चलता है कि वहां पर 300 लोग मौजूद थे. सूत्रों के अनुसार, NTRO ने भारतीय वायुसेना से अनुमति मिलने के बाद खैबरपख्तुनवा क्षेत्र के आतंकी ठिकानों को सर्विलांस में लिया था. एयर स्ट्राइक के बाद ये सभी मोबाइल स्विच ऑफ हो गए थे.

हमारा काम आतंकी ठिकानों को तबाह करना है- वायुसेना प्रमुख धनोवा
पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (पीओके) में जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना की ओर से गई एयर स्‍ट्राइक पर सोमवार को वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस की. इस दौरान उन्‍होंने साफतौर पर कहा 'हमारा काम आतंकी ठिकानों को तबाह करना है, हमारा (वायुसेना का) काम उनके शवों की गिनती करना नहीं है.' वायुसेना प्रमुख ने एयर स्‍ट्राइक पर सवाल उठाने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर हम कोई लक्ष्‍य साधते हैं, तो हम उसे तबाह कर देते हैं. अगर हम लोगों ने जंगलों पर बम गिराये होते तो पाकिस्तान के पीएम इमरान खान प्रतिक्रिया क्‍यों देते.

पाक विमानों ने की भारतीय वायुसीमा में घुसने की कोशिश
पाकिस्तान के विमानों ने सोमवार को एकबार फिर भारतीय वायुसीमा में घुसने की कोशिश की. बताया जा रहा है कि राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तान के विमानों ने भारतीय वायुसीमा में घुसने की कोशिश की. इसके जवाब में भारतीय वायुसेना के विमानों ने तत्काल उड़ान भरकर पाक विमानों को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया. खबर है कि बीकानेर में एक पाकिस्तानी ड्रोन को भी मार गिराया गया है.  

भारतीय वायुसेना के 12 मिराज-2000 युद्धक विमानों ने की थी एयर स्ट्राइक
भारतीय सेना ने पुलवामा हमले के बदला लेते हुए 26 फरवरी को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में घुसकर आतंकियों के ठिकानों को तबाह कर दिया था. भारत ने PoK में चल रहे आतंकी कैंपों को निशाना बनाते हुए भारतीय वायुसेना के विमानों से बमबारी की. सूत्रों के हवाले से खबर है कि इस एयर स्ट्राइक ऑपरेशन को भारतीय वायुसेना के 12 मिराज-2000 विमानों ने अंजाम दिया. वायुसेना के मिराज-2000 ने पीओके में घुसकर आतंकी ठिकानों पर 1000 किलो से ज्यादा के बम गिराए. भारतीय वायुसेना की इस कार्रवाई में 200 से 300 आतंकी मारे गए और कई आतंकी ठिकाने और लॉन्च पैड तबाह हो गए हैं.

विपक्ष ने मांगे एयर स्ट्राइक के सबूत
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महासचिव दिग्विजय सिंह ने भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर की गई एयर स्ट्राइक पर कहा था कि अगर कोई सरकार से एयर स्ट्राइक सबूत मांगता है तो भारत सरकार को सबूत देकर उनका मुंह बंद कर देना चाहिए. दिग्विजय ने विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान को रिहा करने के फैसले पर पाकिस्तान के पीएम इमरान खान को बधाई भी दी थी. वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने भी सवाल उठाते हुए कहा था कि बीजेपी के मंत्री पाकिस्तान में हवाई हमले में हताहतों की संख्या के बारे में मीडिया में ''बढ़ा चढ़ाकर'' आंकड़े लीक कर रहे हैं.

इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीमा पार जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने पर हवाई हमले के असर को लेकर सरकार से सबूत मांगे थे. भारत ने 14 फरवरी को पुलवामा हमले के बाद यह हवाई हमला किया. पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गये थे.