आतंक पर प्रहार! कश्मीर घाटी में पिछले एक माह में 1 आतंकी समेत 28 OGW गिरफ्तार

सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने घाटी में आतंकवादियों के खिलाफ प्रहार को तेज करने के लिए कई कदम उठाए हैं.

आतंक पर प्रहार! कश्मीर घाटी में पिछले एक माह में 1 आतंकी समेत 28 OGW गिरफ्तार
सुरक्षाबलों के साझा प्रयासों से आतंकवादियों और उनके ओजीडब्ल्यू पर काफी दबाव बढ़ गया है... (फाइल फोटो)

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना का आतंकियों के खिलाफ अभियान जारी है. पिछले एक महीने में कश्मीर घाटी में एक आतंकी सहित 28 ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) को गिरफ्तार किया गया है और छह आतंकी मॉड्यूल का भांडाफोड़ किया गया है. पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने घाटी में आतंकवादियों के खिलाफ प्रहार को तेज करने के लिए कई कदम उठाए हैं.

मिली जानकारी के मुताबिक, सुरक्षाबलों के साझा प्रयासों से आतंकवादियों और उनके ओजीडब्ल्यू पर काफी दबाव बढ़ गया है, जिससे पिछले एक महीने में आतंकी सहित 28 ओवरग्राउंड वर्करों की गिरफ्तारी हुई और छह आतंकी मॉड्यूलों का भंडाफोड़ किया गया.

पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा, "अवंतीपोरा पुलिस ने जिले के लादू इलाके में बड़कावु पोस्टर चिपकाने में शामिल तीन लोगों की गिरफ्तारी के साथ एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया. उनके पास से हिजबुल-उल-मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) आतंकी संघठन के पोस्टर बरामद किए गए. गांदरबल पुलिस ने नारनग क्षेत्र से दो ओजीडब्ल्यू को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया गया." 

वहीं, उतरी कश्मीर के सोपोर पुलिस ने राफियाबाद के चटलोरा गुंड में अपतिजनक सामग्री के साथ-साथ लश्कर के 10 ओजीडब्ल्यू को गिरफ्तार करके एक बड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था. इस सामग्री में लोगों को डराने और धमकाने वाले पोस्टर  शामिल थे और ये लोग, रहवासियों को डराने-धमकाने का काम करते थे. उतरी कश्मीर में ही 25 नवंबर, 2019 को, बारामूला पुलिस ने रैलवाए एसपीओ की भर्ती प्रक्रिया पर हमला करने के प्रयास को विफल कर दिया, और एक ग्रेनेड के साथ चार ओजीडब्ल्यू को गिरफ्तार किया गया." 

गिरफ्तार किए गए लोगों ने जिले में भर्ती रैली पर हमला करने के मकसद से ग्रेनेड लाए थे. इन ओजीडब्लू की गिरफ्तारी से, एक बड़ी आतंकी घटना को नाकाम कर दिया गया था. उधर, दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा पुलिस ने चार ओजीडब्ल्यू को गिरफ्तार करके क्षेत्र में विस्फोटों के लिए जिम्मेदार आतंकवादी सहयोगियों के एक मॉड्यूल का भांडाफोड़ किया है. गिरफ्तार किए गए व्यक्ति पुलवामा के अरहाल इलाके में एक आईईडी विस्फोट में शामिल थे, जिसमें दो सेना के जवान शहीद हुवे थे, वही एक आतंकवादी ने भी पुलवामा पुलिस के पास आत्मसमर्पण कर दिया था. 

इसी तरह, श्रीनगर बाइपैस चौराहे पर लश्कर के पोस्टर बनाए वाले मॉड्यूल का भी भांडाफोड़ उस वक्त हुआ, जब इस आतंकी संघठन लश्कर के साथ काम करने वाले छह ओजीडब्ल्यू को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस के मुताबिक यह आगजनी की घटनाओं में शामिल थे और इलाके में धमकी बारे पोस्टर प्रकाशित कर रहे थे इन ओजीडब्ल्यू के कब्जे से दो हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए गए थे. दक्षिणी कश्मीर के ही कुलगाम में सुरक्षाबलों ने एक संयुक्त अभियान में तीन ओजीडब्ल्यू को गिरफ्तार किया जो युवाओं को आतंकवाद में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहे थे.

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एक ओजीडब्ल्यू को श्रीनगर पुलिस ने श्रीनगर के अंचर क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन में शामिल होने और लोगों को बड़काने के लिए गिरफ्तार किया गया था. यह ओजीडब्लू विभिन्न आपराधिक और आतंकी मामलों में वांटेड था उसकी  गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है. इसके अलावा, जैश आतंकी संगठन के एक ओजीडब्ल्यू को भी श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया था. इस तरह की भारी गिरफ्तारियां यह दर्शाती हैं कि सुरक्षबलों का इंटेलीजंस नेटवर्क काफी मजबूत हुआ है. सुरक्षाबल मानते हैं कि घाटी से आतंकी जड़ों को बहुत जल्द उखाड़ दिया जाएगा.