#ModiOnZee : शांति दूत' या 'पराक्रमी सपूत' : नरेंद्र मोदी क्या हैं? जानें क्या मिला जवाब

जी न्‍यूज के एडिटर इन चीफ सुधीर चौधरी के साथ इस शुद्ध राजनीतिक इंटरव्‍यू में पीएम नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि इस बार बीजेपी को 2014 से ज्‍यादा सीटें मिलेंगी.

#ModiOnZee : शांति दूत' या 'पराक्रमी सपूत' : नरेंद्र मोदी क्या हैं? जानें क्या मिला जवाब
पीएम मोदी ने कहा कि जहां तक बोरिया-बिस्तर का सवाल है? कई लोग एक्सपायरी डेट के बारे में बोल रहे हैं तो मैं हमेशा तैयार रहता हूं. मेरी जिंदगी झोले पर है.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव 2019 के छठवें चरण से पहले जी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कई सवालों के जवाब दिए. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के जिक्र से लेकर विपक्ष द्वारा खुद को कहे जाने वाले अपशब्दों पर भी खुलकर अपना पक्ष रखा. 

जी न्‍यूज के एडिटर इन चीफ सुधीर चौधरी के साथ इस शुद्ध राजनीतिक इंटरव्‍यू में पीएम नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि 23 मई को देश में फिर बीजेपी की सरकार बनेगी. उन्‍होंने कहा कि इस बार बीजेपी को 2014 से ज्‍यादा सीटें मिलेंगी. 

सवाल: आप शांति के समर्थक हैं या युद्ध के?
जवाब: युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है लेकिन आपका सामर्थ्यवान होना जरूरी है. युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है. लेकिन शांति निर्बल लोगों को नहीं मिल पाती. समर्थ लोगों को ही शांति मिल पाती है. इसलिए शांति के लिए भारत का सामर्थ्यवान होना जरूरी है. 

देखें इंटरव्यू:

 

सवाल: अगर 272 से सीटें कम रही तो आपका प्लान B क्या है? 
जवाब: ये सवाल निराधार है. बीजेपी पूर्ण बहुमत से जीती थी. इस बार उससे ज्यादा सीटें आने वाली हैं. इसलिए प्लान ए, बी, सी, डी, चाहें जो समझ लें.. 23 मई को परिणाम आएगा. पहले से अधिक मजबूत सरकार बनने वाली है. इसलिए देश के लिए अच्छा सोचिए.

सवाल: क्या पिछली बार से ज्यादा सीटें आएंगी? 
जवाब: सबके के सब लोग 2014 में कह रहे थे कि मोदी लहर नही है. लेकिन परिणाम के बाद किसी ने नहीं पूछा. इस पर 23 के बाद चर्चा की जाए तो ज्यादा अच्छा होगा. 

सवाल: EVM में सेटिंग के आरोप को लेकर क्या कहेंगे? 
जवाब: देश के सभी संस्थान स्वतंत्रता से काम कर रहे हैं. हम सबको मिलकर दुनिया में हमारे लोकतंत्र की ब्रांडिंग करना चाहिए. 

सवाल: क्या आपको और आपके विरोधियों के लिए समान मापदंड हैं? 
जवाब: मेरी जिंदगी में कोई गुनाह नहीं हुआ. अनजाने में कुछ हो गया हो तो मुझे नहीं मालूम. पहली बार मेरे खिलाफ 2014 में एफआईआर दर्ज कराई गई. मैं अहमदाबाद वोट देने गया था. मेरे खिलाफ झूठा केस बनाकर एफआईआर दर्ज कराई गई. आप हैरान हो जाएंगे, मैं वाराणसी चुनाव लड़ने गया, उस समय जो अफसर थे, जब मैं रोड शो करके नामांकन करने गया तो सभी अनुमति दी लेकिन रोड शो के बाद मेरी परिमिशन कैंसिल कर दी गई. एक बार भी लोगों से मैं वाराणसी से नहीं मिल सका लेकिन मैंने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया.