सवाई माधोपुर में अब भी पटरियों पर जमे हैं आंदोलनकारी, आज फिर हो सकती है सरकार से वार्ता

आंदोलन से सबसे ज्यादा प्रभावित सवाई माधोपुर में रविवार को भी 500 के करीब आंदोलनकारी पटरियों पर जमे हुए हैं. 

सवाई माधोपुर में अब भी पटरियों पर जमे हैं आंदोलनकारी, आज फिर हो सकती है सरकार से वार्ता
सवाई माधोपुर में पटरियों पर जमे आंदोलनकारी.

शरद पुरोहित, सवाई माधोपुर: राज्य में गुर्जर आरक्षण को लेकर चल रहा आंदोलन रविवार को भी जारी है. रेल और सड़क मार्ग पर आंदोलनकारियों के धरने के कारण कई जिलों में यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावा राज्य के कई जिलों में इसके कारण जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पर काफी असर पड़ा है. 

बताया जा रहा है कि आंदोलन से सबसे ज्यादा प्रभावित सवाई माधोपुर में रविवार को भी 500 के करीब आंदोलनकारी पटरियों पर जमे हुए हैं. जिनकी संख्या हर दिन दोपहर 2 बजे तक 2000 से 2500 तक पहुंच जाती है. 

राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने की थी बातचीत

आपको बता दें कि, शनिवार को गहलोत सरकार का 3 सद्स्यीय प्रतिनिधिमंड़ल राज्य में मंत्री विश्वेंद्र सिंह के सवाई माधोपुर पहुंचा था. जिसने आंदोनकारियों से वार्ता करने का प्रयास भी किया. 

राज्य सरकार के इस प्रतिनिधिमंडल के साथ गुर्जर समुदाय के प्रतिनिधियों की बातचीत में कमेटी की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल बनाकर बातचीत करने की बात कही गई थी. 

इस दौरान राजधानी जयपुर में आकर सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत की गुजारिश आंदोलनकारियों ने ठुकरा दी थी. उनका कहना था कि वार्ता धरना स्थल पर ही होगी. 

इस दौरान मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कहा था कि शनिवार रात को सीएम अशोक गहलोत से वो बातचीत करने जा रहे हैं. माना जा रहा है कि रविवार(10 फरवरी) की शाम को आंदोलनकारियों से राज्य सरकार के प्रतिनिधि फिर से बातचीत कर सकते हैं. 

आपको बता दें कि, इस समिति में राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा, पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह और सामाजिक न्याय मंत्री भंवरलाल मेघवाल शामिल हैं. समिति में आईएएस अधिकारी नीरज के.पवन का नाम भी शामिल है. 

गहलोत ने केंद्र की पाले में फेंकी थी गेंद 

राजस्थान के सीएम मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को कहा था कि पिछली बार भी उनकी अधिकतर मांगे राज्य सरकार द्वारा मानी गई थी. इस बार भी उनसे बातचीत करने के लिए तीन मंत्रियों की कमेटी बना दी गई है. लेकिन गुर्जरों की जो मांगे हैं उनका ताल्लुक केंद्र सरकार से है. 

गहलोत ने कहा, '' पिछली बार 5% आरक्षण की मांग को विधानसभा में पारित कर लागू करने का प्रयास किया गया था. लेकिन हाईकोर्ट ने उस पर रोक लगा दी. अब जो गुर्जर समाज की मांग है वह संविधान संशोधन करके ही पूरी हो सकती है, यह बात गुर्जर नेता बैंसला को समझना चाहिए. इसलिए उनका आंदोलन करना समझ से परे है.''

उन्होंने यह भी कहा, ''गुर्जर समुदाय को अपनी मांगों के लिए प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को ज्ञापन देना चाहिए. राज्य में कानून व्यवस्था को खराब करना उचित नहीं है.''

दिल्ली- मुंबई रेल मार्ग पर आवागमन प्रभावित

आपको बता दें कि, गुर्जर आरक्षण के लिए हो रहे आंदोलन के कारण रविवार को भी दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर ट्रेनों का आवागमन प्रभावित रहा. कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के नेतृत्व में गुर्जर समुदाय के लोग मलारना और निमोदा रेलवे स्टेशनों के बीच रेल पटरी को लगातार बाधित किए हुए हैं, जिसके कारण मुंबई-दिल्ली मार्ग पर रेल गाड़ियों का संचालन बाधित है. 

आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में आ रहा है व्यवधान 

भरतपुर, करौली, सवाई माधोपुर, दौसा और टोंक में हिंसा और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में व्यवधान को रोकने के लिए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.