राजस्थान: लोकसभा चुनाव में हाइटेक प्रचार की तैयारी में जुटी कांग्रेस

इस बार कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने के लिए पर्ची सिस्टम के साथ साथ बल्कि आधुनिक तकनीक का सहारा लेगी

राजस्थान: लोकसभा चुनाव में हाइटेक प्रचार की तैयारी में जुटी कांग्रेस
राजस्थान की सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों से 60 हजार कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी जा रही है

सुशांत पारीक/जयपुर: 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता में वापस लाने में बीजेपी के 'हर परिवार बीजेपी परिवार 'अभियान के जवाब में कांग्रेस ने भी 'घर-घर कांग्रेस' अभियान की शुरुआत की है. इस अभियान के जरिए कांग्रेस राजस्थान के डेढ़ करोड़ परिवारों के प्रत्येक व्यक्ति तक अपनी पहुंच बनाएगी. 'घर-घर कांग्रेस' ऐप के जरिए राजस्थान के सभी मतदाताओं की पूरी डिटेल जुटाई जाएगी. 

इसी ऐप के जरिए 60,000 बूथ कार्यकर्ता चुनाव से पहले कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने का काम करेंगे. राजस्थान विधानसभा चुनाव कांग्रेस को जीत तो मिली लेकिन सीटों का आंकड़ा इतना बड़ा नहीं हो पाया जिसकी कांग्रेस को उम्मीद थी. इसकी वजह कांग्रेस का कमजोर संगठन और बूथ मैनेजमेंट में खामी रही थी लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अपनी इस कमजोरी को दूर करने की दिशा में बड़ा और हाईटेक प्रयास करने जा रही है. 

लोकसभा चुनाव में राजस्थान में कांग्रेस 'घर-घर कांग्रेस' अभियान के जरिए प्रत्येक मतदाता तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है. इसके लिए बकायदा 'घर-घर कांग्रेस' नाम से एक ऐप तैयार किया गया है. यानी इस बार कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने के लिए पर्ची सिस्टम के साथ साथ बल्कि आधुनिक तकनीक का सहारा लेगी. 'घर घर कांग्रेस' एप के जरिये कांग्रेस राजस्थान में डेढ करोड परिवारों से, हर बूथ के वोटर की डिटेल हासिल करेगी. 

दरअसल कांग्रेस राजस्थान के शक्ति प्रोजेक्ट के तहत प्रशिक्षण शिविर चला रही है. इसमें राजस्थान की सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों से 60 हजार कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी जा रही है. यानी प्रत्येक बूथ से 1 कार्यकर्ता तैयार किया जाएगा. 15 से 25 फरवरी तक चलने वाले इस अभियान के दौरान कांग्रेस के पास राजस्थान के 51796 बूथों पर प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं की एक फौज तैयार होगी.

इसके अलावा भी 8 हजार के करीब पार्टी के ब्लॉक और जिला पदाधिकारीयों को प्रशिक्षण दिया जायेगा. प्रशिक्षण के बाद इन कार्यकार्ताओं का असली काम शुरू होगा जिन्हे पांच करोड़ मतदाताओं से सीधा सम्पर्क करना होगा. पहले चरण में ये 60 हजार बूथ कार्यकर्ता करीब डेढ करोड़ परिवार के मुखियायों से सम्पर्क करेंगे और पता करेंगे उस परिवार का जूडाव किस पार्टी से है. 

परिवार का राजनीतिक बैकग्राउंड क्या रहा है और कौन सी पार्टी को वोट देते आए हैं. परिवार में कितने सदस्य हैं उनकी उम्र क्या है जाति क्या है धर्म क्या है. कांग्रेस को लेकर उनकी मानसिकता क्या है. ये पूरी जानकारी घर घर कांग्रेस एप में डाली जाएगी. घर-घर कांग्रेस एप का उपयोग केवल शक्ति प्रोजेक्ट में रजिस्टर्ड कार्यकर्ता ही कर सकता है. 

इस ऐप के जरिए कांग्रेस के बड़े नेता फीडबैक के आधार पर रणनीति बनाने का काम कर सकेंगे किस बूथ पर कांग्रेस कमजोर है वहां किस तरीके से काम करना है कैसे नए मतदाताओं को पार्टी से जोड़ना है. इन सब मुद्दों पर विशेष काम किया जाएगा। इस अभियान के दौरान महत्वपूर्ण काम करने वाले कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने की योजना भी है. पार्टी नेता ऐसे कार्यकर्ताओं पर सीधे नजर रखेंगे और आने वाले दिनों में पार्टी में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी भी दी जाएगी.

कुल मिलाकर कांग्रेस की रणनीति हाइटेक चुनाव प्रचार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. शक्ति प्रोजेक्ट कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है. विधानसभा चुनाव में मतदाताओं के मन की थाह लेने और मुख्यमंत्री के चयन में भी राहुल गांधी ने शक्ति प्रोजेक्ट का उपयोग किया था. ऐसे में राजस्थान कांग्रेस के नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष को प्रधानमंत्री बनाने में शक्ति प्रोजेक्ट की भूमिका को समझते हैं और देश में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते. देखना होगा कि कांग्रेस के यह ट्रेंड कार्यकर्ता बूथ स्तर तक के मैनेजमेंट को मजबूत बनाने में किस तरह का रोल अदा कर पाते हैं और बूथ मैनेजमेंट राजस्थान की 25 लोकसभा सीटों में से कितनी सीटें दिला पाती है.