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कोटा: मेडिकल कॉलेज दवा सप्लाई मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय ने मांगी रिपोर्ट

रिर्पोट मांगे जाने के बाद कॉलेज प्रशासन ने 3 सदस्यीय जांच कमिटी गठित की है.

कोटा: मेडिकल कॉलेज दवा सप्लाई मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय ने मांगी रिपोर्ट
कोटा मेडिकल कॉलेज के अधीन आने वाले अस्पतालों में दवाओं की खरीद मानक से कम हुई है. (फाइल फोटो)

मुकेश सोनी, कोटा: कोटा मेडिकल कॉलेज में दर्द निवारक (जेल) सप्लाई में गड़बड़ी के मामले पर मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने कॉलेज प्रशासन से रिर्पोट मांगी है. इसके अलावा मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले की जांच का आदेश कॉलेज प्रशासन को दिया है. रिर्पोट मांगे जाने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन  ने 3 सदस्यीय जांच कमिटी गठित की है.

आपको बता दें कि, जी न्यूज ने सबसे पहले इस मामले को उजागर किया था. जिसके बाद मामले की लीपापोती कर रहे कॉलेज प्रशासन ने जांच के आदेश दिया है. बताया जा रहा है कि दवा आपूर्ति करने वाले फर्म के भुगतान पर रोक लगाई जा चुकी है.

स्टॉक में पड़ी 2875 दवाएं हुई जब्त

मामले की जानकारी होने के बाद नए चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. देवेन्द्र विजयवर्गीय ने हॉस्पिटल के भामाशाह काउंटर की जांच की. जिसके बाद वहां स्टॉक में पड़ी 2875 दवाएं जब्त कर ली गई है. बताया जा रहा है कि अस्पताल ने भामाशाह बजट मद से 17 मई को 1 हजार व 25 मई को 4 हजार दर्द निवारक दवाएं खरीदी थी.

लापरवाह रहा औषधि नियंत्रक संगठन

नए अस्पताल के अधीक्षक ने जब्त दवाओं के सैम्पल लेने के लिए औषधि नियंत्रक संगठन से सम्पर्क किया था. सूचना देने के बावजूद औषधि नियंत्रण विभाग के अधिकारी दवा का सैम्पल लेने अस्पताल नहीं पहुंचे.

दवा आपूर्तिकर्ता को लग चुकी 41 हजार की जुर्माना
अस्पताल अधीक्षक डॉ. देवेन्द्र विजयवर्गीय ने बताया कि फर्म की ओर से पिछले दिनों दर्द निवारक दवा की सप्लाई में देरी की थी. इस कारण फर्म पर 41 हजार रुपए का जुर्माना कॉलेज प्रशासन लगा चुका है. 

कमेटी करेगी मामले की जांच

कॉलेज के अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. विजय सरदाना ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है. जिसमें डॉ. अशोक तिवारी डॉ. पूजा खन्ना औरफार्मासिस्ट राजीव कुमार को शामिल किया है. जांच टीम पूरे मामले की जांच कर तीन दिन में प्राचार्य को रिपोर्ट सौंपेगी. सरदाना ने यह भी बताया कि फर्म की दवा के उपयोग पर रोक भी लगा दी गई.

यह है पूरा मामला

मार्च 2018 में मेडिकल कॉलेज कोटा ने तीनों बड़े अस्पतालों के लिए लोकल स्तर पर दवा खरीद के लिए 11 करोड़ का टेंडर किया था. टेंडर में दर्द निवारक जेल डाइक्लोफिनेक का भी रेट कांटेक्ट किया गया था. जिसके बाद जयपुर के अग्रवाल डिस्ट्रीब्यूटर को ऑइंटमेंट सप्लाई करने के आदेश मिला था. फर्म को दिए वर्क ऑर्डर के अनुसार, आपूर्ति की जाने वाली जेल में डाइक्लोफिनेक 1.16 और मेंथोल 5 फीसदी रहना चाहिए था. लेकिन फर्म ने जो ऑइंटमेंट सप्लाई किया, वो मानक से कम पाया गया है. अब तक यह दवा 45 हजार मरीजों में बंट चुकी है.