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झालावाड़ चिकित्सालय में ब्लड बैंक की लापरवाही से हुई मरीज की मौत

चिकित्सालय स्टाफ और ब्लड बैंक कर्मियों की लापरवाही के चलते आखिरकार गंभीर घायल व्यक्ति ने दम तोड़ दिया.

झालावाड़ चिकित्सालय में ब्लड बैंक की लापरवाही से हुई मरीज की मौत
परिजनों को 3 घंटे तक ब्लड लेने और सैंपल चेक करने के लिए दर-दर भटकना पड़ा.

महेश परिहार/झालावाड़: कोटा के झालावाड़ जिला चिकित्सालय में नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों की हठधर्मिता के चलते मरीज के तीमारदारों के बीच झगड़े आम बात हो गई है. मरीजों और तीमारदारों द्वारा चिकित्सालय स्टॉप पर कई गंभीर आरोप लगते चले आए हैं. ऐसा ही एक और मामला आज उस समय सामने आया जब वाहन दुर्घटना में गंभीर घायल व्यक्ति को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया. 

खबर के मुताबिक चिकित्सालय स्टाफ और ब्लड बैंक कर्मियों की लापरवाही के चलते आखिरकार गंभीर घायल व्यक्ति ने दम तोड़ दिया. मृतक के परिजनों ने बताया कि एंबुलेंस चालक का कार्य करने वाला सौदान सिंह नामक युवक किसी मरीज को कोटा चिकित्सालय में छोड़कर एंबुलेंस से वापस झालावाड़ लौट रहा था, इसी दौरान किसी अज्ञात वाहन ने झिरनिया घाटी के पास उसे टक्कर मार दी, जिसमें गंभीर घायल युवक को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया. 

वहीं, आईसीयू मे चिकित्सकों ने ब्लड की मांग की, तो करीब 3 घंटे तक परिजनों को ब्लड लेने और सैंपल चेक करने के लिए दर-दर भटकना पड़ा. चिकित्सालय परिसर में भटकने के बाद परिजन ब्लड लेकर करीब 3 घंटे बाद आईसीयू वार्ड में पहुंचे लेकिन तब तक युवक दम तोड़ चुका था. गुस्साए परिजनों ने जिसके बाद जमकर हंगामा किया और चिकित्सालय स्टाफ और ब्लड बैंक कर्मियों को मौत का जिम्मेदार ठहराया है.

जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों ओर नर्सिंग कर्मियों की लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है. कुछ दिन पूर्व भी एक प्रसूता को पैसे के लालच में नर्सिंगकर्मियों ने बार-बार पलंग बदलने को मजबूर कर दिया और आखिर में एक बेंच पर लेटा दिया. जिसकी खबर जी मीडिया में दिखाए जाने के बाद अस्पताल प्रशासन सकते में आ गया था और जांच कमेटी बैठा दी थी. लेकिन फिर भी लापरवाही का सिलसिला थमता अभी नजर नहीं आ रहा.