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राजस्थान: रामगढ़ विधानसभा में चुनाव प्रचार जारी, सभी दलों ने उतारे दिग्गज उम्मीदवार

प्रत्याशी की मौत के बाद स्थगित हुआ रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए 28 जनवरी को चुनाव होने जा रहा है.

राजस्थान: रामगढ़ विधानसभा में चुनाव प्रचार जारी, सभी दलों ने उतारे दिग्गज उम्मीदवार
रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में बसपा, कांग्रेस और बीजेपी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है.

प्रमोद कुमार, अलवर: राजस्थान में 7 दिसंबर को हुए विधानसभा चुनाव के दौरान प्रत्याशी की मौत के बाद स्थगित हुआ रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए 28 जनवरी को चुनाव होने जा रहा है. इस बार चुनावी मैदान में सारे दलों ने दिग्गज उम्मीदवारों को उतारा है.  

आपको बता दें कि, प्रदेश स्तर पर भी रामगढ़ में हो रहे चुनाव में जीत का राजनीतिक दलों के लिए विशेष महत्व है. जिसको देखते हुए तीनों ही प्रमुख दलो ने यहां से जीत दर्ज कर अपना दबदबा कायम रखना चाहेंगे. जिसके लिए भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी ख़ुशवंत सिंह, कांग्रेस के सफिया खान, वहीं बसपा  के जगत सिंह को रामगढ़ से दिग्गज उम्मीदवार माना जा रहा है.

इससे पहले के चुनावों में अलवर जिले को भारतीय जनता पार्टी का गढ़ माना जाता था. लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव में यहां से बीजेपी ने  केवल 2 सीटें जीती है. वहीं, बसपा की झोली में 2 सीटें, दो विधायक निर्दलीय और कांग्रेस के 4 विधायक चुनाव जीतने में कामयाब हुए हैं.  ऐसे में रामगढ़ में होने वाली विधानसभा चुनाव पर सबकी नजरें टिकी हुई है.

प्रदेश में रामगढ़ को छोड़ शेष विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव सम्पन्न होने के साथ ही राज्य में नई सरकार के गठन का कार्य भी पूरा हो चुका है. फिलहाल प्रदेश में सरकार गठन को लेकर किसी भी दल को कोई संकट भी नहीं है, ऐसे में रामगढ़ विधानसभा चुनाव के परिणाम सूबे की राजनीति में ज्यादा उथल-पुथल करने वाले साबित तो नहीं होंगे.

यह असर होगा प्रदेश की राजनीति पर

प्रदेश में वर्तमान में मुख्यत: तीन राजनीतिक दल इन दिनों चर्चा में हैं. इनमें कांग्रेस, भाजपा व बसपा शामिल है. रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के चुनाव में भी तीनों ही दल मजबूती से ताल ठोक रहे हैं. रामगढ़ सीट जीत कर कांग्रेस विधानसभा में स्पष्ट बहुमत के नजदीक पहुंचना चाहेगी. वहीं भाजपा की चाहत इस चुनाव परिणाम के जरिये लोकसभा चुनाव से पूर्व प्रदेश में फिर से अपना दबदबा साबित करने की रहेगी. यह चुनाव बसपा के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है, इसका कारण है कि गत विधानसभा चुनाव में पार्टी ने प्रदेश में 6 सीटें जीतकर अपनी मौजूदगी दिखाई है. पार्टी रामगढ़ सीट पर कब्जा कर प्रदेश के राजनीतिक समीकरण में बदलाव का संकेत दे सकती है.

लोकसभा चुनाव पर असर तय

रामगढ़ चुनाव के परिणाम का आगामी लोकसभा चुनाव पर असर तय माना जा रहा है. रामगढ़ सीट अलवर लोकसभा क्षेत्र में शामिल है. वर्तमान में अलवर लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस, भाजपा व बसपा के पास फिलहाल दो-दो सीटें हैं. इस सीट का परिणाम जिस भी दल के पक्ष में जाएगा, उसका लोकसभा क्षेत्र में दबदबा बढऩा तय है. ऐसे में हर दल यह सीट जीतकर लोकसभा चुनाव से पहले अपने पक्ष में माहौल करने के प्रयास में जुटा है. सबसे ज्यादा उत्सुकता बसपा में है. पार्टी नेताओं का मानना है कि बसपा की जीत से अलवर लोकसभा क्षेत्र में पार्टी का दबदबा बढ़ेगा, वहीं गठबंधन की संभावना बनने उसका दावा अन्य दलों से ज्यादा मजबूत रहेगा.