BJP के कद्दावर नेता हैं गुलाब चंद कटारिया, 7 बार जीत चुके हैं विधानसभा चुनाव

पहली बार उन्हें वर्ष 1993 में राजस्थान सरकार में मंत्री बनाया गया था. उसके बाद वह राजस्थान में बीजेपी की हर सरकार में मंत्री पद पर रहे हैं.

BJP के कद्दावर नेता हैं गुलाब चंद कटारिया, 7 बार जीत चुके हैं विधानसभा चुनाव
बीजेपी के कद्दवार नेताओं में शुमार हैं गुलाब चंद कटारिया. (तस्वीर- Facebook)

उदयपुर : भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कद्दावर नेताओं में शुमार राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया का सियासी सफर काफी लंबा है. वह लगभग चार दशक से राजस्थान की राजनीति में सक्रिए हैं. इस विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें उनकी परंपरागत उदयपुर सीट से चुनाव मैदान में उतारा है. कटारिया पहली बार 1970 में विधायक चुने गए थे. वह 1989 से 91 तक दो वर्षों के लिए नौवीं लोकसभा के सदस्य भी निर्वाचित हुए थे. पहली बार उन्हें वर्ष 1993 में राजस्थान सरकार में मंत्री बनाया गया था. उसके बाद वह राजस्थान में बीजेपी की हर सरकार में मंत्री पद पर रहे हैं.

गुलाबचंद कटारिया का नाम बहुचर्चित सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में भी उछला था. सीबीआई ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था. 2015 में उन्हें इस केस से बरी कर दिया गया. ज्ञात हो कि सोहराबुद्दीन शेख, उनकी पत्नी कौसर बी और तुलसी प्रजापति की हत्या के वक्त कटारिया राजस्थान के गृह मंत्री थे. इन पर हत्या, सबूतों को मिटाने और आपराधिक साजिश रचने के मामले चले थे. आईपीसी की कई धाराओं के तहत कटारिया के खिलाफ सीबीआई ने मामले दर्ज किए थे.


बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के साथ गुलाब चंद कटारिया. (तस्वीर- Facebook)

पुराने दोस्तों की टीम दे रही है चुनौती
वर्षों तक मेवाड़ में बीजेपी को मजबूत करने के लिए कंधे से कंधा मिला कर काम करने वाले नेता अब एक दूसरे के खिलाफ ताल ठोक रहे हैं. गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया कभी पार्टी के वरिष्ठ नेता मांगीलाल जोशी, दलपत सुराणा, शान्तिलाल चपलोत के साथ मिलकर मेवाड़ में पार्टी को मजबूत करते थे, लेकिन जब इनके बीच स्वार्थ की राजनीति शुरू हुई तो सभी ने अपनी-अपनी राहें जुदा कर लीं. किसी को पार्टी का साथ मिला तो किसी ने दूसरी पार्टी का दामन थाम लिया. खुद को पार्टी का सच्चा सिपाही बताने वालों ने बगावत शुरू कर दी. आलम ये है कि चुनावी मैदान में गुलाबचंद कटारिया को 'जनता सेना' के उम्मीदवार दलपत सुराणा और उनके पुराने दोस्तों की टीम चुनौती दे रही है.

मनमोहन सिंह के खिलाफ कहे थे अपशब्द
वर्ष 2016 में राजस्‍थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया उस समय विवादों में आ गए थे, जब उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिए अपशब्‍दों का इस्तेमाल किया था. कटारिया ने चुरु जिला में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया था. हालांकि बाद में कटारिया ने ट्विटर पर इसके लिए खेद जताया था.


उदयपुर से चुनाव लड़ रहे हैं कटारिया. (फाइल फोटो)

गुलाबचंद कटारिया उदयपुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. कांग्रेस ने उनके खिलाफ पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता गिरिजा व्यास को चुनावी मैदान में उतारा है. इस सीट की गिनती राजस्थान के हाईप्रोफाइल सीटों में होती है. गुलाबचंद कटारिया अपने राजनीतिक जीवन में सिर्फ दो ही चुनाव हारे हैं, आठ बार उन्हें जीत ही मिली है. 1985 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की गिरिजा व्यास ने ही उन्हें मात दी थी. चुनाव हारने के बाद वह 1989 में हुए लोकसभा चुनाव लड़े और सांसद बनने में सफल रहे. कटारिया महज दो वर्षों के लिए सांसद रहे.

1977 में पहली बार बने युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष
गुलाबचंद कटारिया को 1977 में पहली बार बीजेपी के युवा मोर्चा का उपाध्यक्ष और महासचिव बनाया गया था. इसके बाद वह 1980 से 1985 तक राजस्थान बीजेपी के सचिव पद पर रहे. 1986 में उन्हें पार्टी का प्रदेश महासचिव बनाया गया. कटारिया एक साल के लिए राजस्थान बीजेपी के अध्यक्ष पद पर भी रहे.