कोटा के सरकारी अस्पताल में 'रूट कैनाल ट्रीटमेंट' की मिलेगी सुविधा

इसकी शुरुआत के बाद संभाग के मरीज दर्द निवारक तरीके से दांतों का इलाज करवा सकते हैं. 

कोटा के सरकारी अस्पताल में 'रूट कैनाल ट्रीटमेंट' की मिलेगी सुविधा
यहां दांतो के दर्द की शिकायत के प्रतिदिन करीब 70 से 80 मरीज आते हैं.

मुकेश सोनी, कोटा: संभाग के बड़े अस्पताल एमबीएस में रूट कैनाल ट्रीटमेंट (आरसीटी) की सुविधा 15 फरवरी से शुरू होने जा रही है. इस सुविधा की शुरुआत के बाद संभाग के मरीज दर्द निवारक तरीके से दांतों का इलाज करवा सकते हैं. बताया जा रहा है कि विभाग ने इस सुविधा के लिए साढ़े तीन लाख की नई मशीन की खरीद की है. अस्पताल अधीक्षक नवीन सक्सेना ने बुधवार को मीडिया को यह जानकारी दी. 

क्या है रूट कैनाल ट्रीटमेंट

दांतों में सड़न होना एक आम समस्या है. लेकिन जब यह सड़न काफी बढ़ जाती है तो दांतों में तेज दर्द और कई तरह की तकलीफें होने लगती हैं. कई बार ये समस्या इतनी बढ़ जाती है कि उसका प्रभाव मसूड़ों पर भी पड़ने लगता है. ऐसी स्थिति में पहले दांतों को ऑपरेशन की मदद से निकाल दिया जाता था. लेकिन अब ऐसा नहीं है अब रूट कैनाल ट्रीटमेंट से दांतों को ठीक किया जाता है. 

इस ट्रीटमेंट के दौरान पहले दांतों को अच्छी तरह साफ़ किया जाता है और फिर संक्रमित हिस्से को निकाल कर वहां पर रबर जैसे मटेरियल गटापार्चा से फिलिंग कर दी जाती है. जिसके बाद उसमें कैप लगा दिया जाता है. रूट कैनाल ट्रीटमेंट कराने के बाद इसे पूरी तरह ठीक होने में थोडा वक़्त लगता है. इस ट्रीटमेंट में आपकी नसों के साथ भी छेड़छाड़ की जाती है जिससे उन नसों को फिर से ठीक होने में टाइम लगता है. 

मरीजों को होगा यह फायदा

एमबीएस अस्पताल में दांतो के दर्द की शिकायत के प्रतिदिन करीब 70 से 80 मरीज आते है. जिनमें 10 मरीज को रूट कैनाल ट्रीटमेंट की आवश्यकता रहती है. एमबीएस में ये सुविधा नहीं होने के कारण इन मरीजों को बाहर निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है. निजी अस्पताल में एक दांत के रूट कैनाल ट्रीटमेंट का 12 सौ रुपए से लेकर 35 सौ रुपए खर्च करने पड़ते है. एमबीएस में ये सुविधा शुरू होते ही मरीजो को निजी अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा. उनके समय व धन की बचत होगी. मरीजो को न्यूनतम शुल्क पर अस्पताल में इलाज मिलेगा.