close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

डूंगरपुर: दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नगरपरिषद की पहल, किया कुछ ऐसा..

शहर के नवाडेरा क्षेत्र में चल रहे दिव्यांग कौशल विकास केंद्र में दिव्यांग मीनाकारी, सिलाई, मसाले, हेंड बेग, पूजा की थाली, गुलाल बनाना सहित अन्य उत्पाद बनाने का काम कर रहे है.

डूंगरपुर: दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नगरपरिषद की पहल, किया कुछ ऐसा..
नगरपरिषद ने इन दिव्यांगो को इस केंद्र तक लाने व ले जाने तक की व्यवस्था भी की है.

अखिलेश शर्मा/डूंगरपुर: प्रदेशभर में अपनी स्वच्छता व नवाचारों को लेकर नाम कमाने वाली डूंगरपुर नगरपरिषद ने इस बार शहर के दिव्यांगजन को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की है. डूंगरपुर नगरपरिषद की ओर से शहर के बेरोजगार दिव्यांगजन के कौशल विकास के लिए जहा नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है. वहीं स्वरोजगार के लिए जरूरी साजो सामान और मशीनरी उपलब्ध करवाने के साथ उनके द्वारा बनाए जाने वाले उत्पादों की बिक्री के लिए एक दुकान भी निशुल्क उपलब्ध करवाई गई है.

डूंगरपुर नगरपरिषद जो की अपनी स्वच्छता व नवाचारों के लिए हमेशा से ही सुर्खियों में रहती आई है. यहां तक कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी डूंगरपुर नगरपरिषद की स्वच्छता की तारीफ कर चुके हैं. बात गरीब बेटियों को गोद लेकर शिक्षा की जिम्मेदारी उठाने की हो या बेरोजगार युवाओं को निशुल्क कोचिंग के माध्यम से रोजगार से जोड़ने के नवाचारो की हो हर क्षेत्र में डूंगरपुर नगरपरिषद बेहतर काम कर रही है. 

इसी कड़ी में अब डूंगरपुर नगरपरिषद ने दिव्यांग जन को आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनाने का बीड़ा उठाया है. सभापति के के गुप्ता की पहल पर नगरपरिषद ने शहर के बेरोजगार करीब 50 दिव्यांगो को विभिन्न काम करने व उन काम के प्रशिक्षण के लिए एक हॉल उपलब्ध करवाया है. इतना ही नहीं नगरपरिषद ने इन दिव्यांगो को इस केंद्र तक लाने व ले जाने तक की व्यवस्था भी की है.

शहर के नवाडेरा क्षेत्र में चल रहे दिव्यांग कौशल विकास केंद्र में दिव्यांग मीनाकारी, सिलाई, मसाले, हेंड बेग, पूजा की थाली, गुलाल बनाना सहित अन्य उत्पाद बनाने का काम कर रहे है. इधर नगरपरिषद द्वारा दिव्यांग जन के लिए की गई एक पहल से दिव्यांगजन भी काफी खुश नजर आ रहे हैं. दिव्यांगजनो का कहना है की उनके पास हुनर तो था लेकिन उस हुनर को कोई प्लेटफ़ार्म नहीं मिल रहा था. लेकिन अब नगरपरिषद ने जो व्यवस्था उससे उन्हें काफी लाभ मिलेगा. दिव्यांगजनो का कहना है की स्वरोजगार जैसी व्यवस्था करने से वे अपने आप को आम व्यक्ति से कम नहीं समझेंगे. वहीं अपने पैरो पर खड़ा होकर अपना घर भी अच्छे से चला पायेंगे. 

वाकई में डूंगरपुर नगरपरिषद की दिव्यांग जनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए की गई ये पहल सराहनीय है. नगरपरिषद की इस पहल के चलते कभी यूं ही खाली बैठकर अपनी मजबूरियों पर आंसू बहाने वाले डूंगरपुर शहर के इन दिव्यांगो की आंखों में अब चमक है. ऐसे में आवश्यकता है की डूंगरपुर नगरपरिषद की इस पहल से प्रेरणा लेकर दिव्यांग जनों को आगे लाने के लिए सरकारी मशीनरी के साथ संस्थाए भी आगे आए.