जयपुर: जल भवन पर चीफ इंजीनियर को लेकर कर्मचारियों ने बोला हल्ला, जानें क्यों...

 चीफ इंजीनियर की नियुक्ति में देरी के कारण जलदाय विभाग के दफ्तर पर कर्मचारियों ने जमकर हंगामा किया. इस दौरान प्रदेश भर के कर्मचारी जल भवन में जुटे और चीफ इंजीनियर की नियुक्ति जल्द से जल्द करने की मांग की.

जयपुर: जल भवन पर चीफ इंजीनियर को लेकर कर्मचारियों ने बोला हल्ला, जानें क्यों...
प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप यादव के नेतृत्व में वाटर वर्क्स कर्मचारी संघ ने जमकर हंगामा मचाया.

जयपुर: राजस्थान के जलदाय विभाग में चीफ इंजीनियर की नियुक्ति नहीं होने से सभी काम अटके पड़े है. चीफ इंजीनियर की नियुक्ति में देरी के कारण जलदाय विभाग के दफ्तर पर शुक्रवार को कर्मचारियों ने जमकर हंगामा किया. इस दौरान प्रदेश भर के कर्मचारी जल भवन में जुटे और चीफ इंजीनियर की नियुक्ति जल्द से जल्द करने की मांग की. इस दौरान कर्मचारियों ने रैली निकाली और जबरदस्त प्रदर्शन किया. चीफ इंजीनियर की नियुक्तियां नहीं होने से कर्मचारियों के सारे काम अटके पड़े हैं. फाइलों का अंबार बढ़ चुका है और रोजाना नए नई-नई परेशानियां सामने आकर खड़ी हो रही है. विभाग में 7 में से 6 मुख्य अभियंताओं के पद 3 महीने से खाली पड़े हैं. ऐसे में जलदाय कर्मियों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है.

प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप यादव के नेतृत्व में वाटर वर्क्स कर्मचारी संघ ने जमकर हंगामा मचाया. संघ की मांग है कि मुख्य अभियंताओं की जल्द से जल्द नियुक्तियों की जाए, ताकि  डीपीसी तुरंत प्रभाव से हो सके. इसके साथ-साथ विभाग में 27 वर्षों से तकनीकी कर्मचारियों की भर्तियां नहीं हो पाई है. वहीं, कर्मचारियों के पद नाम परिवर्तन में मीटर रीडर, एमआरटी, लाइनमैन, चौकीदार, वाहन चालक पदों को शामिल नहीं किया गया है . कई तकनीकी कर्मचारियों द्वारा इन पदों के ट्रेंड विकल्प दिए गए थे. उनमें भी पदनाम परिवर्तन के आदेश जारी किए जाए . इसके अलावा वरिष्ठता सूची जारी करने और वेतन विसंगतियों को दूर करने की भी मांग चल रही है.

कर्मचारी संगठन के प्रदेश प्रवक्ता बाबूलाल शर्मा का कहना है कि कर्मचारियों को दी जाने वाली सुविधाओं की राशि भी बढ़ाई जानी चाहिए. इसके साथ-साथ कर्मचारियों को पहले की बातें ग्रामीण क्षेत्र में 5 वर्ष और शहरी क्षेत्र में 10 वर्ष की सेवा पूरी करने पर नियमित किया जाना चाहिए. इसके अलावा यात्रा भत्ता, चिकित्सा भत्ता का बजट दिलवाने और साइकिल भत्ते की राशि बढ़ाने की मांग की गई है. वही श्रमिक आवास  के मरम्मत और स्टेशनरी भत्ते का भुगतान किया जाना चाहिए. जयपुर शहर में कार्यरत तकनीकी कर्मचारियों को ओवर टाइम का भुगतान भी नहीं मिल रहा है. ऐसे में जल्द से जल्द हमारी मांगे पूरी करनी चाहिए नहीं तो प्रदेश में बड़ा आंदोलन देखने को मिलेगा.

चीफ इंजीनियर की नियुक्तियां नहीं होने से न केवल कर्मचारी प्रभाव पड़ रहा है बल्कि तमाम इंजीनियर और ठेकेदार भी इससे प्रभावित हो रहे हैं. क्योंकि ना तो ठेकेदारों का भुगतान किया जा रहा है और ना ही इंजीनियर अपने काम में गति दे पा रहे हैं. तमाम फाइलों पर इंजीनियर चीफ इंजीनियर ही अंतिम मोहर लगाते हैं, ऐसे में उम्मीद ही जताई जा रही है कि जल्द से जल्द चीफ इंजीनियर की नियुक्तियां हो ताकि 35 हजार करोड़ के काम अटके जल्द पूरे होंगे.