Rajasthan में पुलिसकर्मियों के प्रमोशन और सेवा लाभ को लेकर सीएम गहलोत ने कही ये बड़ी बात
Advertisement
trendingNow1/india/rajasthan/rajasthan1082581

Rajasthan में पुलिसकर्मियों के प्रमोशन और सेवा लाभ को लेकर सीएम गहलोत ने कही ये बड़ी बात

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पुलिस विषम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी ड्यूटी को अंजाम देती है. ऐसे में पदोन्नति सहित अन्य सेवा लाभ समय पर मिलने से उनका मनोबल बढ़ता है. जिला पुलिस अधीक्षक (Superintendents of Police) यह सुनिश्चित करें कि पुलिस कार्मिकों को पदोन्नति समय पर मिले.

सीएम गहलोत मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पुलिस महानिरीक्षक एवं जिला पुलिस अधीक्षकों की बैठक को संबोधित कर रहे थे.

Jaipur: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पुलिस विषम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी ड्यूटी को अंजाम देती है. ऐसे में पदोन्नति सहित अन्य सेवा लाभ समय पर मिलने से उनका मनोबल बढ़ता है. जिला पुलिस अधीक्षक (Superintendents of Police) यह सुनिश्चित करें कि पुलिस कार्मिकों को पदोन्नति समय पर मिले. साथ ही, लापरवाह एवं भ्रष्ट कार्मिकों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करें. 

गहलोत मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पुलिस महानिरीक्षक एवं जिला पुलिस अधीक्षकों की बैठक को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि यह संतोष की बात है कि विभिन्न नवाचारों से पॉक्सो एक्ट, महिला अत्याचार तथा एससी-एसटी उत्पीड़न के प्रकरणों के निस्तारण में लगने वाले औसत समय में उल्लेखनीय कमी आई है. दुष्कर्म के मामलों में अनुसंधान समय वर्ष 2018 में 211 दिन था, जो वर्ष 2021 में घटकर 86 दिन रह गया है. पुलिस ने वर्ष 2021 में पॉक्सो एक्ट के 510 प्रकरणों में अपराधियों को सजा दिलवाई है, जिनमें से 4 प्रकरणों में मृत्यु दण्ड तथा 35 प्रकरणों में आजीवन कारावास की सजा मिली है. पुलिस आगे भी ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करे. 

यह भी पढ़ें: Jaipur का झालाना लेपर्ड सफारी अब हुआ महंगा, बढ़ गए टिकट रेट

थानों में स्वागत कक्ष का होना जरूरी- सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पुलिस की कार्यशैली को आधुनिक, पब्लिक फ्रेंडली एवं प्रो-एक्टिवबनाने के उद्देश्य से थानों में स्वागत कक्ष, महिला अपराधों की रोकथाम एवं प्रभावी अनुसंधान के लिए हर जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद के सृजन, अनिवार्य एफआईआर रजिस्ट्रेशन, जघन्य अपराधों के लिए अलग इकाई का गठन, महिला एवं बाल डेस्क का संचालन, सुरक्षा सखी, पुलिस मित्र, ग्राम रक्षक, महिला शक्ति आत्मरक्षा केंद्र जैसे नवाचार किए हैं. इन नवाचारों के और बेहतर परिणाम हासिल हों. उन्होंने निर्देश दिए कि जिन थानों में स्वागत कक्ष नहीं बने हैं, वहां यह काम जल्द पूरा किया जाए. जिला पुलिस अधीक्षक स्वागत कक्षों का निरीक्षण करें, ताकि जिस मंशा के साथ इनका निर्माण किया गया है, उसे पूरा किया जा सके. 

यह भी पढ़ेंं: Corona Guidelines in Rajasthan: जल्द जारी हो सकती है नई गाइडलाइन, वीकेंड कर्फ्यू में भी ढील संभव

साइबर क्राइम पर सीएम ने कही ये बात
सीएम गहलोत ने निर्देश दिए कि तकनीक का दुरूपयोग कर किए जाने वाले साइबर एवं आर्थिक क्राइम तथा अन्य अपराधों पर प्रभावी रोकथाम के लिए जिला पुलिस अधीक्षक नवाचार अपनाएं. अपराध शाखा अपराधों का गुणवत्तापूर्ण पर्यवेक्षण करें और गंभीर अपराधों में उच्च अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर उचित तफ्तीश सुनिश्चित करें. पुलिस हिरासत में मौतों, दुष्कर्म, बाल अपराध, महिला अत्याचार आदि की घटनाओं को प्राथमिकता एवं गंभीरता से लें. ऐसे मामलों में मीडिया को वास्तविक स्थिति से तुरंत अवगत कराएं, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति नहीं बिगड़े. पुलिस मुख्यालय एवं जिलों की सोशल मीडिया टीमों के बीच प्रभावी समन्वय हो.

Trending news