राजस्थान विवाह रजिस्ट्रीकरण संशोधन विधेयक पर बवाल, बाल विवाह को बढ़ावा दिए जाने का आरोप

राजस्थान विधानसभा में विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण संशोधन विधेयक (Rajasthan Marriage Registration Amendment Bill) को लेकर चल रहा बवाल जारी है.

राजस्थान विवाह रजिस्ट्रीकरण संशोधन विधेयक पर बवाल, बाल विवाह को बढ़ावा दिए जाने का आरोप
Jaipur: राजस्थान विधानसभा में विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण संशोधन विधेयक (Rajasthan Marriage Registration Amendment Bill) को लेकर चल रहा बवाल जारी है. सदन के बाद अब भाजपा सड़कों पर भी विधेयक का विरोध करेगी. भाजपा युवा मोर्चा ने विधेयक को बाल विवाह ( Child Marriage) को बढ़ावा देने वाला बताते हुए जिला स्तर पर विरोध करने की घोषणा की. भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु शर्मा ने विधेयक के खिलाफ आंदोलन की जानकारी दी. 
 
भाजपा मुख्यालय में सोमवार को पत्रकारों से रूबरू हुए हिमांशु शर्मा ने कहा कि राजस्थान में बाल विवाह निषेध कानून लागू है, लेकिन हाल ही में विधानसभा में विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण संशोधन विधेयक पारित किया गया जहां दोनों एक दूसरे के विरोधाभासी है.
 
 
एक तरफ सरकार बाल विवाह निषेध कानून के तहत प्रचार प्रसार कर लोगों को कहती है की बाल विवाह कानूनन अपराध है. वहीं अब प्रचार करेगी कि बाल विवाह करो लेकिन उसका रजिस्ट्रेशन करवाओ. यह सरकार के लिए हास्यास्पद बात नहीं तो और क्या है.  शर्मा ने आरोप लगाया कि यह विधेयक सीधे तौर पर बाल विवाह जो कानूनन अपराध है उसको प्रोत्साहन देने वाला है.
 
इस संशोधन विधेयक के जरिए राजस्थान में बाल विवाह को वैधानिक रूप देने का काम किया गया है या फिर कहें कि राजस्थान देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जहां किसी अपराध को भी बढ़ावा देने के लिए कानून लाया गया है. इस कानून का युवा मोर्चा कार्यकर्ता सड़क पर उतर कर विरोध करेगा. 
 
 
भाजपा युवा मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष हिमांशु शर्मा ने हाल ही में जारी हुई नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट में राजस्थान की स्थिति पर भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा. शर्मा ने कहा ब्यूरो की रिपोर्ट शर्मसार करने वाली है क्योंकि राजस्थान में जिस प्रकार के हालात महिलाओं के साथ है वो अब सरकारी आंकड़ों में भी सामने आ रहे हैं. शर्मा ने कहा ऐसे में प्रदेश सरकार ने बाल विवाह को वैधानिक रूप देने का भी काम कर लिया, जिसे भाजपा हरगिज बर्दाश्त नहीं करेगी और जिला स्तर पर प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर जनता के बीच ये मामला ले जाया जाएगा.