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Rajasthan Weather Update: राजस्थान में कई जिलों में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश हो रही है. इसी के चलते मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों में कई इलाकों में अतिभारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह से खत्म हुई 24 घंटे की अवधि में कोलायत मगरा (बीकानेर) में सबसे अधिक 195 मिलीमीटर बारिश हुई.
मौसम विभाग के मुताबिक, इस दौरान अजमेर के मसूदा में 180 मिमी, ब्यावर के नयानगर में 170 मिमी, अजमेर के पीसांगन में 170 मिमी, अजमेर के मांगलियावास में 150 मिमी, राजसमंद के भीम में 150 मिमी, अजमेर के टाटगढ़ और नागौर के मेड़ता सिटी में 130-130 मिमी बारिश दर्ज की गई. शनिवार को सुबह खत्म हुई बारिश ने ज्यादातार इलाकों में पानी भर दिया.
आने वाले घंटों में मौसम का हाल
शनिवार को दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसके असर से आने वाले 24 घंटे में जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, जालौर और आसपास के इलाकों में मध्यम से तेज बारिश होने व कहीं भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग का कहना है कि शनिवार को कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है.
वहीं, मेड़ता शहर में मौसम की पहली जमकर हुई बारिश ने कॉलोनियों को जलमग्न कर दिया. गंदे पानी निकासी की माकुल व्यवस्था नहीं होने से कॉलोनियों में एक-एक से दो फीट तक पानी भर गया. मौसम की जमकर हुई पहली बारिश में जहां एक और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है तो वहीं दूसरी ओर पानी के भराव से आवागमन बाधित हो गया है.
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हालत यह बन गए हैं कि लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया. मेड़ता में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के हालात तो बद से बदत्तर हो गए हैं. बच्चियों के पीने के पानी के लिए बनाए गए होद में बरसात का गंदा पानी भर गया है. एक दिन की बारिश से जलमग्न हुई कॉलोनी से नगर पालिका प्रशासन पम्प लगा कर पानी तोड़ने की मशक्कत कर रहा है.
कानोता इलाके में लगातार हो रही बारिश से कानोता बांध लबालब हो गया हैं. करीब 23 साल बाद बांध पर पानी की चादर चल रही है, जिससे ढूंढ नदी में भी पानी आ गया है. बांध में पानी की आवक बढ़ने से करीब 8 किलोमीटर के क्षेत्र तक नदी बह रही है, जिससे इलाके में जलस्तर बढ़ने की संभावना है. बांध पर पानी की चादर देखने के लिए पिछले 2 दिनों से लोगों की भीड़ उमड़ रही है और मेले जैसा माहौल नजर आ रहा है.
भीड़ के चलते लापरवाही भी बरती जा रही है, जिससे बड़े खतरे की आशंका बढ़ गई है. लोग सेल्फी के लिए जान जोखिम में डालकर बहते पानी के बीच उतर रहे हैं, जबकि प्रशासन की ओर से सुरक्षा इंतजामों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. बांध की भराव क्षमता 17 फीट है और फिलहाल बांध का जलस्तर इससे ज्यादा है. लगातार हो रही बारिश के कारण इलाके के दर्जन भर से ज्यादा गांवों को फायदा हो सकता है.