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राजस्थान के बुजुर्गों के लिए 'पशुपतिनाथ' तीर्थ यात्रा के लिए पहली प्राथमिकता

वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि तक कुल 61 हजार 596 आवेदन प्राप्त हुए हैं.

राजस्थान के बुजुर्गों के लिए 'पशुपतिनाथ' तीर्थ यात्रा के लिए पहली प्राथमिकता
सर्वाधिक 29 हजार 746 लोगों ने नेपाल काठमांडू की हवाई यात्रा के लिए आवेदन किया है.

जयपुर: वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना के तहत धार्मिक स्थलों की तीर्थयात्रा करने वाले पांच हजार वरिष्ठ नागरिकों को इस बार हवाईजहाज से पशुपतिनाथ दर्शन करने का मौका मिलेगा. लेकिन 25 हजार बुजुर्गों की पशुपतिनाथ दर्शन करने की आस अधूरी रह जाएगी. तीर्थयात्रा के लिए आवेदनों की संख्या ज्यादा होने के कारण हवाईयात्रा से तीर्थ स्थानों पर जाने वाले करीब 45 हजार और रेलमार्ग से जाने वाले करीब 7 हजार लोग वंचित रहेंगे. योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि तक कुल 61 हजार 596 आवेदन प्राप्त हुए. इनमें में कुल 1 लाख 11 हजार 662 यात्रियों और उनके सहयोगियों ने यात्रा के लिए आवेदन किया. जिसमें तीस हजार यात्रियों की तमन्ना पशुपतिनाथ मंदिर की हवाई यात्रा की है. वहीं दूसरे नंबर की प्राथमिकता रामेश्वरम् की है.

बता दें कि वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि तक कुल 61 हजार 596 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें में कुल 1 लाख 11 हजार 662 यात्रियों और उनके सहयोगियों ने यात्रा के लिए आवेदन किया है. हवाईजहाज और रेलमार्ग से तीर्थ स्थानों पर जाने वालों का सरकार ने दस हजार यात्रिका का ही कोटा तय कर रखा है. ऐसे में 51 हजार 596 आवेदकों की तीर्थ यात्रा पर जाने की आस अधूरी रहने वाली है. पथराई आंखों में एक ही सपना है कि एक बार भगवान पशुपतिनाथ के दीदार हो जाए मगर उम्र के इस पड़ाव पर सड़क मार्ग से वहां तक का सफर मुश्किल लगता है. मगर सरकार ने जब से वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना में पशुपतिनाथ तक हवाई यात्रा करवाने की घोषणा की. तब से कई बुजुर्गों की उनके दर्शन की उत्कंठा बढ़ी. लेकिन मुफ्त हवाई यात्रा के प्रति रुझान से आए ढेरों आवेदन से 25 हजार बुजुर्गों की पशुपतिनाथ दर्शन करने की सपने पर पानी फेर दिया.

वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा के निर्धारित स्थलों में से सर्वाधिक 29 हजार 746 लोगों ने नेपाल काठमांडू की हवाई यात्रा के लिए आवेदन किया है. दूसरे नंबर पर रेल यात्रा में रामेश्वरम् को 24 हजार 639 यात्रियों ने पसंद किया. देवस्थान विभाग के अतिरिक्त आयुक्त दिनेश कोठारी ने बताया कि रेल यात्रा में सर्वाधिक पसंदीदा स्थल रामेश्वरम् है. इसे 24639 यात्रियों ने प्राथमिकता दी है. इसी प्रकार रेलमार्ग से जगन्नाथपुरी को द्वितीय प्राथमिकता दी गई है. हवाई यात्रा में नेपाल के काठमांडू और पशुपतिनाथ को सर्वाधिक 29 हजार 746 यात्रियों ने प्राथमिकता दी है.

वहीं सबसे कम देहरादून से ऋषिकेश के लिए 934 यात्रियों ने आवेदन किया है. सर्किट में सबसे कम मुस्लिम समुदाय के धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए आवेदन किया गया है. इसमें मात्र 275 यात्रियों ने आवेदन किया है. वरिष्ठ नागरिकों को करवाई जाने वाली यात्रा में रेल और हवाई जहाज से पांच-पांच हजार यात्रियों को विभिन्न स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी. कोठारी ने बताया कि कुल 1 लाख 6 हजार 900 यात्रियों के आवेदन सही है. करीब 4762 यात्रियों ने दोहरे आवेदन किए हैं. इनकी जांच कर निर्णय लिया जाएगा. सबसे ज्यादा आवेदन जयपुर जिले से 7 हजार 570 से प्राप्त हुए हैं वहीं सबसे कम आवेदन जैसलमेर जिले से 108 मिले हैं 

देशभर के तीर्थ घूम चुके कई बुजुर्गों को विदेश यात्रा की मुराद अब तक अधूरी है. पशुपतिनाथ के दर्शन और हवाई यात्रा में कभी पारिवारिक उलझन तो कभी पैसों की तंगी उनके आड़े आ गई थी. यह इच्छा वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा के लिए आवेदन कर चुके शहर के अधिकतर वरिष्ठ नागरिकों ने व्यक्त की. पड़ोसी देश नेपाल में पशुपतिनाथ की विदेश यात्रा को लेकर वरिष्ठ नागरिकों में खासा उत्साह है. यही कारण है कि अन्य तीर्थों के मुकाबले वहां के लिए सर्वाधिक आवेदन आए हैं.