राजस्थान में CAA-NRC को लेकर निकाला गया शांति मार्च, कई दिग्गज नेता हुए शामिल

एनआरसी और नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ रविवार को जयपुर में कांग्रेस सहित सात राजनीतिक दलों और सिविल सोसायटी की ओर से शांति मार्च का आयोजन हुआ.

राजस्थान में CAA-NRC को लेकर निकाला गया शांति मार्च, कई दिग्गज नेता हुए शामिल
जयपुर में करीब 3 किलोमीटर लंबा मौन जुलूस निकाला गया.

जयपुर: देशभर में जिस एनआरसी और सीए कानून को लेकर बवाल मचा हुआ है. उसके खिलाफ रविवार को जयपुर में शांति मार्च निकाला गया. अल्बर्ट हॉल से लेकर गांधी सर्किल तक करीब 3 किलोमीटर चले मौन जुलूस में बड़ी तादाद में कांग्रेस कार्यकर्ता और सिविल सोसाइटी के सदस्य शामिल हुए. कार्यक्रम को समान विचारधारा के 7 राजनीतिक दलों के अलावा सिविल सोसाइटी के सदस्यों ने भी संबोधित किया. 

एनआरसी और नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ रविवार को जयपुर में कांग्रेस सहित सात राजनीतिक दलों और सिविल सोसायटी की ओर से शांति मार्च का आयोजन हुआ. जयपुर के अल्बर्ट हॉल से लेकर महात्मा गांधी सर्किल तक करीब 3 किलोमीटर लंबा मौन जुलूस निकाला गया, जो गांधी सर्किल पर जाकर सभा में तब्दील हो गया. इस मौन जुलूस के जरिए देशभर के हिंसक प्रदर्शनों के बीच एक नजीर पेश करने की कोशिश भी की गई. देशभर को जयपुर की धरती से शांति का पैगाम दिया गया.

अल्बर्ट हॉल से शुरू हुए मौन जुलूस में बड़ी तादाद में कांग्रेस कार्यकर्ता और सिविल सोसायटी के सदस्य शामिल हुए. सिविल सोसायटी की ओर से एमजी रोड पर एक सभा का आयोजन हुआ. इस सभा के जरिए सिविल सोसायटी ने देश में एनआरसी और सीए को वापस लेने की मांग की. सिविल सोसायटी के सदस्यों ने कहा देश में इस कानून के जरिए सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है.

मौन जुलूस के बाद गांधी सर्किल पर संविधान बचाओ सभा का आयोजन हुआ. सभा को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, डिप्टी सीएम सचिन पायलट, शरद यादव, कामरेड बलवान पूनिया, राष्ट्रीय लोक दल जयंत चौधरी, सीपीआई, सीपीएम, आम आदमी पार्टी के नेताओं के अलावा सिविल सोसाइटी की अरुणा रॉय और कविता श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया.

कार्यक्रम के जरिए जहां समान विचारधारा के दलों ने सिविल सोसाइटी के साथ मिलकर अपनी ताकत दिखाई, वहीं देश में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाली ताकतों का पुरजोर विरोध भी किया गया, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साफ शब्दों में कह दिया कि राजस्थान में एनआरसी और सीएए को लागू नहीं होने दिया जाएगा.