जयपुर: यूडी टैक्स जमा नहीं करवाने पर संपत्ति होगी नीलाम

यूडी टैक्स, हाऊस टैक्स जमा नहीं करवाने वाले बिल्डिंग मालिकों सस्थानों पर सरकार शिंकजा कसनें जा रही है.  

जयपुर: यूडी टैक्स जमा नहीं करवाने पर संपत्ति होगी नीलाम
जयपुर नगर निगम

रोशन शर्मा, जयपुर: यूडी टैक्स, हाऊस टैक्स जमा नहीं करवाने वाले बिल्डिंग मालिकों सस्थानों पर सरकार शिंकजा कसनें जा रही है. 10 साल से यूडी टैक्स और हाऊस टैक्स जमा नहीं करवाने वाले प्रतिष्ठानों को नगर निगम अब नीलाम करने जा रहा है. ऐसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ जयपुर नगर निगम प्रशासन राजस्थान नगरपालिका एक्ट 2009 के तहत नीलाम करने की प्रक्रिया अपना रहा है.

जयपुर नगर निगम के राजस्व को चूना लगाने वाले लोगों के मसूबो पर अब राज्य सरकार शिंकजा कसने जा रही है. बार-बार यूडी टैक्स, हाऊस टैक्स जमा करवाने के लिए नोटिस भेजने के बाद भी टैक्स जमा नहीं करवाने वाले प्रतिष्ठानों पर अब सरकार शिकंजा लगा रही है. जयपुर नगर निगम प्रशासन नगर पालिका एक्ट 2009 के तहत ऐसी प्रोपर्टियों को चिन्हित कर नीलाम करने की प्रक्रिया अपनाने पर काम कर रहा है.

यूडी टैक्स, हाऊस टैक्स के रूप में चल रहे करोड़ों रूपए बकाया चल रहे हैं. ऐसे प्रोपर्टी मालिकों को नगर निगम प्रशासन कई बार नोटिस जारी कर चूका है और कई प्रोपर्टियों को सीज भी किया गया है, लेकिन सीज करने के बाद भी टैक्स जमा नहीं करवाने वाले सम्पति मालिकों की प्रोपर्टिया अब नीलाम की जाएगी. ये प्रोपर्टियां शहर के सबसे पोर्श इलाके जेएलएन मार्ग, टोंक रोड़, चारदिवारी क्षेत्र, बजाज नगर सहित शहर के विभिन्न इलाकों में हैं. नगर निगम प्रशासन नें ऐसी करीब 100 से ज्यादा प्रोपर्टियां चिन्हित कर ली है.

यूडी टैक्स और हाऊस टैक्स सहित विभिन्न टैक्स को लेकर राज्य सरकार नें इस बार बड़े स्तर पर छूट जारी की है. ब्याज राशी में शत प्रतिशत छूट जारी करने के बाद भी टैक्स जमा नहीं करवाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है. जयपुर नगर निगम के इतिहास में ऐसा पहली बार देखनें को मिल रहा है कि टैक्स जमा नहीं करवाने वाले सम्पति मालिकों की सम्पति को नीलाम किया जाएगा.

दरअसल राजस्थान नगर पालिका एक्ट 2009 में टैक्स जमा नहीं करवाने वाले सम्पति मालिकों की सम्पति नीलाम करने का अधिकार निगम प्रशासन को है. नगर निगम प्रशासन अब टैक्स जमा नहीं करवाने वाले सस्थानों के खिलाफ एक्शन लेने जा रहा है.

वहीं जयपुर नगर निगम के इस साल के राजस्व वसूली के आकड़ों की बात करें तो नगर निगम ने इस साल पीछले साल की अपेक्षा अच्छा राजस्व वसूल किया है. वर्ष 2018-19 में नगर निगम नें 29 दिसम्बर 2018 तक 25 करोड़ 62 लाख रूपए का ही राजस्व वसूल किया था. जबकि इस वित्त वर्ष की बात करे तो इस बार 43 करोड़ 60 लाख का राजस्व वसूल कर लिया गया है. यानी पीछले साल की अपेक्षा 35 प्रतिशत तक ज्यादा राजस्व वसूल किया जा चूका है. इसके पीछे अधिकारीयों की पफोर्मेंस के साथ-साथ राज्य सरकार की ओर से ब्याज में शत प्रतिशत तक छूत देना भी माना जा रहा है.

पिछले वित्तिय वर्ष की बात करे तो नगर निगम प्रशासन वर्ष 2018-19 में कुल 44 करोड़ 36 लाख 57 हजार रूपए ही राजस्व वसूल कर पाया था, लेकिन इस बार दिसम्बर अंत तक इस लक्ष्य को हासिल कर लिया गया है.