जयपुर में खुलेआम चल रहा जिस्मफरोशी का धंधा, प्रशासन बेखबर

प्रशासन और सरकार की अनदेखी के चलते सड़क पर जिस्मफरोशी का बाजार खुले आम लगता है. बावजूद इसके समाज सुधारक पुलिस प्रशासन और सरकार इस मामले को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है.

जयपुर में खुलेआम चल रहा जिस्मफरोशी का धंधा, प्रशासन बेखबर
नरेना गांव एक बदनाम गांव के नाम में तब्दील हो चुका है.

नरेना: जहां एक और देश में बेटियों व महिलाओं को पढ़ा लिखा कर मजबूत बनाने को लेकर सरकारे नई-नई योजनाएं लेकर आती है. लेकिन आज भी महिलाओं को शोषण हर स्तर पर किया जा रहा है. राजधानी 70 किलोमीटर दूर नरेना में लड़कियां वेश्यावृत्ति के धंधे में लिप्त हो चुकी है. जिसके चलते नरेना गांव एक बदनाम गांव के नाम में तब्दील हो चुका है. 

प्रशासन और सरकार की अनदेखी के चलते सड़क पर जिस्मफरोशी का बाजार खुले आम लगता है. बावजूद इसके समाज सुधारक पुलिस प्रशासन और सरकार इस मामले को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है. प्रशासन की अनदेखी के चलते कुछ साल पहले चंद वेश्यावृत्ति थी लेकिन आज इनकी संख्या बढ़ती जा रही है. आज सैकड़ों की संख्या में यहां लड़कियां और महिलाएं वेश्यावृत्ति के धंधे में लिप्त है. अगर समय रहते इस पर कंट्रोल नही किया गया तो आने वाले समय मे इसकी स्थिति और भी खराब हो सकती है.

सांभर लेक उपखंड के आखिरी छोर पर बसी नरेना ग्राम पंचायत में कुछ दूर बसी एक आबाद बस्ती को बदनाम गांव के रूप में जाना जाने लगा है. यूं तो ये पूरी बस्ती नरेना गांव के नाम पर कलंक लगाती है, जिससे खुद गांव के लोग भी इससे परेशान है. इस बदनाम बस्ती में रहने वाले दो दर्जन परिवार देह व्यापार में लिप्त है. यह सब पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे चलता है, लेकिन इन्हें सही राह पर लाने का किसी ने प्रयास नहीं किया.

नरेना में चल रहे इस जिस्मफरोशी के धंधे को लेकर ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस थाने से चंद किलोमीटर दूरी पर यह बदनाम बस्ती और पुलिस तो रोजाना आती है और चंद लोगो और वाहनों को पकड़ कर थाने ले जाती है. सिर्फ खानापूर्ति कर फिर उन्हें छोड़ दिया जाता है. उसी का नतीजा है कि यहां जिस्मफरोशी का धंधा दिनों दिन बढ़ता जा रहा है. अपने परिवार के साथ इस सड़क से गुजरने वाले लोगो को लड़कियां और महिलाएं इशारे कर अपनी और बुलाती है जिसे देखकर उन राहगीरों को भी शर्म आ जाती है, कि आखिर वह किस नर्क मे आ गए हैं. इस पूरे मामले को लेकर नरेना के ग्रामीणों में भी शर्म महसूस होती है, लेकिन महिलाओं को संरक्षण देने वाले और प्रशासन पूरे मामले को लेकर अपनी आंखें मूंदे बैठे है.

नरेना में बदनाम गांव का दंश झेल रहे लोगों को आखिरकार कब नई पहचान मिलेगी. साथ ही अब देखना होगा कि सरकार इस देह व्यापार में लिप्त महिलाओं और युवतियों के संरक्षण को लेकर क्या कदम उठाती है. ताकि देह व्यापार में लिप्त इन महिलाओं को भी सम्मान जंग जिंदगी जीने का अवसर मिल सके.

(इनपुट- अमित यादव, सुनील कुमावत)