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राजस्थान: स्वाइन फ्लू से 56 की मौत, मरीजों को पिलाया जा रहा आयुर्वेदिक काढ़ा

हेल्थ मिनिस्टर के निर्देश पर स्वाइन फ्लू को लेकर कई अभियान चलाए जा रहे हैं. 55 लाख से अधिक व्यक्तियों स्वाइन फ्लू को लेकर स्क्रीनिंग भी की गई

राजस्थान: स्वाइन फ्लू से 56 की मौत, मरीजों को पिलाया जा रहा आयुर्वेदिक काढ़ा
कुल 1 हजार 900 मरीजों को टेमीफ्लू दवाई दी गई

अजमेर: राजस्थान में इन दिनों स्वाइन फ्लू कहर बनकर बरस रहा है. प्रदेश में 56 लोगों की मौत के बाद ये सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. अकेले अजमेर शहर में इस बीमारी से कई लोग पीड़ित है वहीं 4 मरीजों की मौत हो चुकी है. ऐसे में इस बीमारी से बचाव के लिए उपाए भी किये जा रहे हैं. यहां तक की अजमेर के यूनानी और आयुर्वेदिक दवाखाने में शहरवासियों को मुफ्त काढ़ा पिलाया जा रहा है.  

स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए जहां लोगों को अजमेर के राजकीय आयुर्वेदिक और यूनानी दवाखाना में मुफ्त काढ़ा पिलाया जा रहा है. वहीं डॉक्टर इस काढ़ा को अपने घर में ही बनाने का तरीका भी बता रहे हैं. साथ ही उसकी खुबियां भी समझा रहे है ताकि किसी भी इंसान को इसका इलाज़ समझ आ सके और लोगों को इस खौफनाक बीमारी से निजात मिल सके.   

मुफ़्त काढ़ा शरबत से जहां शहरवासियों को राहत मिल रही है वहीं इस राहत से लोगों में खुशी भी देखी जा रही है. ऐसे में उम्मीद भी है की अब स्वाइन फ्लू के कहर से निजात संभव हो सकेगी. आंकड़ों के मुताबिक 33 में से 31 जिले स्वाइन फ्लू की जद में हैं. हालांकि हैल्थ मिनिस्टर डॉ. रघु शर्मा के निर्देश पर स्वाइन फ्लू को लेकर कई अभियान चलाए जा रहे हैं. 55 लाख से अधिक व्यक्तियों स्वाइन फ्लू को लेकर स्क्रीनिंग भी की गई जिसमें लगभग 846 व्यक्तियों में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखे. साथ ही 563 गर्भवती महिलाओं में भी सर्दी-जुकाम के लक्षण नजर आए. कुल 1 हजार 900 मरीजों को टेमीफ्लू दवाई दी गई. वहीं 16 हजार से अधिक लोगों के ब्लड सैम्पल भी लिए गए.

क्या है स्वाइन फ्लू 
स्वाइन फ्लू एक तीव्र संक्रामक रोग है, जो एक विशिष्ट प्रकार के इनफ्लुएंजा वाइरस (एच-1 एन-1) के द्वारा होता है. इसमें मरीज को जुकाम, गले में खराश, सर्दी खांसी, बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द, थकान, ठंड लगना, पेटदर्द व उल्टी दस्त की शिकायत रहती है. यह रोग बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को तीव्रता से प्रभावित करता है. यह खांसने, छींकने व छूने से फैलता है. इसके साथ ही संक्रमित होने से 5-7 दिन में यह लक्षण दिखाई देना शुरू हो जाते हैं. 

मरीज भी रखे सावधानी 
स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने के बाद मरीज सबसे पहले चिकित्सकीय परामर्श लें. इसके साथ ही खांसी, जुकाम व बुखार के रोगी से दूर रहें. साफ-सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखें. खांसते या छींकते समय मुंह ढंक दें. सर्दी जुकाम होने की स्थिति में भीड़-भाड़ से बचें.