राजस्थान: जावड़ेकर ने कहा 'हमारे पास है मोदी-मंत्र, चुनाव के बाद नहीं रहेगा कांग्रेस का अस्तित्व'

जावड़ेकर ने कहा कि उनके पास मोदी का चेहरा और 'जीत का मोदी-मन्त्र' है जो फिर से प्रदेश की सभी 25 सीट पर विजय-श्री दिलाएगा. जावड़ेकर ने कहा कि मोदी मंत्र में तरक्की है

राजस्थान: जावड़ेकर ने कहा 'हमारे पास है मोदी-मंत्र, चुनाव के बाद नहीं रहेगा कांग्रेस का अस्तित्व'
जावड़ेकर ने कहा कि राहुल गांधी सेना पर शक करते हैं.

जयपुर: केन्द्रीय मानव संसाधन मन्त्री और राजस्थान बीजेपी के लोकसभा चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर ने राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है. चुनावों की तैयारियों में जुटे जावड़ेकर ने जी राजस्थान से खास बातचीत में राज्य सरकार पर किसानों से वादा खिलाफी का आरोप लगाते हए झूठ बोलने का आरोप लगाया. साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में सत्ताधारी पार्टी के लोकसभा में ज्यादा सीट जीतने के मिथक को वे जरूर तोड़ेंगे. 

जावड़ेकर ने कहा कि उनके पास मोदी का चेहरा और 'जीत का मोदी-मन्त्र' है जो फिर से प्रदेश की सभी 25 सीट पर विजय-श्री दिलाएगा. जावड़ेकर ने कहा कि मोदी मंत्र में तरक्की है, सामाजिक सुरक्षा और एकता है. केन्द्रीय मन्त्री ने कहा कि बीजेपी के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च है इसीलिए उनकी पार्टी भारत माता की जय बोलती है. जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी में यही अन्तर है कि बीजेपी के लिए देश पहले है जबकि कांग्रेस भारत तेरे टुकड़े होंगे का नारा लगाने वाले लोगों के साथ खड़ी दिखती है. 

टिकट वितरण के सवाल पर जावड़ेकर ने कहा कि राजनीति में चुनाव का एक ही नियम होता है, 'जो जीतेगा, वही चुनाव लड़ेगा' और इसी आंकलन के आधार पर उनकी पार्टी प्रत्याशी को टिकट देती है. महिलाओं को टिकट दिए जाने के सवाल पर जावड़ेकर ने कहा कि देशभर में महिलाओं को टिकट बढ़ाने को लेकर अटल जी ने ही शुरूआत की थी. उन्होंने कहा कि अभी संसद में सबसे ज्यादा महिला सांसद बीजेपी के हैं और इस चुनाव के नतीजों के बाद भी ऐसा ही होगा. 
 
किसानों की कर्ज माफी के मुद्दे पर जावड़ेकर ने कहा कि अभी भी राजस्थान के किसानों पर 90 हजार करोड़ का कर्जा है और कांग्रेस सरकार ने राज में आने के बाद किसानों को एक हज़ार करोड़ रुपए की भी राहत नहीं दी. उन्होंने कहा कि वसुंधरा सरकार ने किसानों के आठ हज़ार करोड़ माफ किए. उन्होंने प्रदेश में बिजली सप्लाई में कमी आने और बेरोजगारों को भत्ते नहीं देने जैसे मुद्दे भी गिनाए. जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस का मतलब झूठ है और यही बात वे जनता तक पहुंचाएंगे. केन्द्रीय मन्त्री ने राजस्थान के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत आर्थिक मदद मिलने में रोड़े अटकाने के आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार को केवल किसानों की लिस्ट भेजनी थी लेकिन कांग्रेस सरकार ने सर्टिफिकेट देने का काम भी नहीं किया. 

राम मन्दिर के मुद्दे पर जावड़ेकर ने कहा कि राम मंदिर पर भारतीय जनता पार्टी एक ही विचार की पैरवी करती है. उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि पर ही भव्य मंदिर बनना चाहिए और इस पर काम हुआ भी है. जावड़ेकर ने कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से इस बात की अपील भी की है कि उस जमीन के जो मूल खातेदार हैं उन्हें जमीन लौटाई जाए. जावड़ेकर ने कहा कि चुनाव में भी कोई उनकी पार्टी से राम मन्दिर के विषय पर पूछेगा तो वे उसे ज़रूर बताएंगे. केन्द्रीय मन्त्री ने कहा वे हमेशा जय श्री राम का नारा बुलंद करते रहे हैं.

कांग्रेस के आरोपों से जुड़े सवाल पर जवाब देते हुए जावड़ेकर ने कहा कि उन्होंने कभी भी अशोक गहलोत सहित दूसरे देशवासियों की देशभक्ति पर कोई संदेह नहीं किया लेकिन साथ ही यह भी कहा कि कांग्रेस नेता और उनकी पार्टी देश की सेना से ही हमले का सबूत मांगती फिर रही है. जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस का देश के विरोध का स्वभाव है. कांग्रेस पार्टी पर वंशवाद के आरोप लगाते हुए केन्द्रीय मन्त्री ने कहा कि इसके चलते ही टॉम वड़क्कन जैसे नेता बीजेपी में शामिल हुए हैं और ऐसे सभी लोगों का उनकी पार्टी स्वागत करती है.

जावड़ेकर ने राहुल गांधी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राहुल गांधी सेना पर शक करते हैं. वे सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाते हैं तो यह कैसी कांग्रेस हो गई? जावड़ेकर ने कहा कि यह गांधी दूसरे हैं और यह महात्मा नहीं हैं इसलिए उस गांधी की कांग्रेस अलग थी, यह कांग्रेस अलग है. केन्द्रीय मन्त्री ने कहा कि जिस फिरोज गांधी के कारण इस परिवार का नाम मिला उस फिरोज गांधी को तो ये लोग याद ही नहीं करते.

जावड़ेकर ने बीजेपी के जीतने पर लोकतन्त्र खत्म होने की आशंका जताने वाले कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि जिन्होंने लोकतंत्र खत्म किया वे अब ऐसा कह रहे हैं. बीजेपी नेता ने कहा कि जिस इमरजेंसी के खिलाफ उनके साथी लोग 2 साल जेल में रहे उस इमरजेन्सी को लगाने वाले लोग ही ऐसी आशंका जता रहे हैं. जावड़ेकर ने कहा कि संभव है चुनाव बाद कांग्रेस पार्टी ही न रहे क्योंकि उनके लोग तितर-बितर होने के बाद पार्टी छोड़ देंगे. 

विधानसभा चुनाव की हार के बाद के परिदृश्य पर जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस-बीजेपी में केवल डेढ़ लाख वोट का फर्क है. हर बूथ पर केवल 3 वोट उनकी पार्टी को कम मिले हैं और इस कमी को दूर करने के लिए उनकी पार्टी का हर कार्यकर्ता एक बार फिर से सक्रीय हैं. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में लोगों के काफी काम हुए लेकिन दुबारा चुनने या नहीं चुनने का एक विषय होता है. जावड़ेकर ने कहा कि वह लहर अलग थी और इस बार देश की सुरक्षा और मजबूत सरकार के साथ स्थायी शासन का मुद्दा प्रमुख है. जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस हमेशा मजबूर सरकार चाहती है लेकिन बीजेपी मजबूत सरकार देना चाहती है. 

विधानसभा और लोकसभा के मुद्दे अलग होने की बात कहते हुए जावड़ेकर बोले कि हर चुनाव एक नया चुनाव होता है.मतदाता के सामने एक सवाल होता है इस बार का सवाल है कि देश को मजबूती सुरक्षा तरक्की कौन देगा? सभी समाजों को न्याय कौन देगा? इसलिए लोग मोदी को वोट दे रहे हैं. केन्द्रीय मन्त्री ने कहा कि लोग वोट देते वक्त नेता को भी देखते हैं लेकिन लोकसभा जैसे चुनाव में पार्टी को 75 फीसदी और नेता को 25 फीसदी तरजीह दी जाती है. 

विधानसभा चुनाव में पार्टी छोड़ने वाले कार्यकर्ताओं और नेताओं को पार्टी में वापस लेने के सवाल पर जावड़ेकर बोले कि जिन कार्यकर्ताओं को पछतावा है उन्होंने पार्टी की विचारधारा में फिर से भरोसा जताया है. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को लोकसभा चुनाव में पार्टी के लिए काम करते हुए बीजेपी को जिताने को कहा गया है और पार्टी में वापसी तो होती रहेगी. हालांकि उन्होंने घनश्याम तिवाड़ी और मानवेन्द्र सिंह के मुद्दे को अब पार्टी की तरफ से समाप्त प्राय: बताया. देवीसिंह भाटी के मुद्दे पर जावड़ेकर बोलवे कि चुनाव के समय हर राज्य में उठापटक होती रहती है लेकिन यह मायने नहीं रखती. 

वसुंधरा राजे को पार्टी की महत्वपूर्ण नेता बताते हुए जावड़ेकर ने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है और लोकसभा चुनाव में भी उनकी अहम भूमिका होगी. जावड़ेकर ने कहा कि उनकी सरकार योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई पक्षपात नहीं करती और इसमें हिन्दू-मुस्लिम के आधार पर भेद नहीं होता. उन्होंने मुसलमानों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने का भी दावा किया लेकिन चुनाव में टिकिट के सवाल पर वे बोले कि यह मामला पूरी तरह 'विनेबिलिटी' से जुड़ा है. जावड़ेकर ने अलग-अलग राज्यों की बीजेपी सरकारों में ईसाई और दूसरे अल्पसंख्यक मन्त्री होने की बात भी कही.

उन्होंने सामाजिक न्याय के लिए आरक्षण को ज़रूरी बताते हुए कहा कि कांग्रेस इस मामले में भी दुष्प्रचार करती है. जावड़ेकर ने कहा कि उनकी पार्टी आरक्षण खत्म करने की पैरोकार नहीं बल्कि सामान्य वर्ग के आर्थिक पिछड़ों को भी आरक्षण देने की पैरवी करती है और इसके लिए बड़ा फैसला भी किया.