जयपुर: छात्रों को मानसिक दबाव से निकालने के लिए शिक्षण संस्थानों में चलाए जाएंगे प्रोग्राम

नया सत्र शुरू होने के साथ ही ये प्रोग्राम प्रदेशभर की सभी स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में चलाया जाएगा. 

जयपुर: छात्रों को मानसिक दबाव से निकालने के लिए शिक्षण संस्थानों में चलाए जाएंगे प्रोग्राम
प्रदेश के 50 शिक्षण संस्थानों इस प्रोग्राम को चलाने की योजना बनाई जा रही है

जयपुर: वर्तमान समय में चाहे स्कूल की पढ़ाई हो कॉलेज की या फिर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी, सफलता का इतना ज्यादा प्रेशर बच्चों पर बनता जा रहा है कि अधिकतर बच्चे इस प्रेशर को सहन नहीं कर पा रहे हैं. असफल होने पर अपनी जीवन लीला को समाप्त करने का फैसला ले लेते हैं. यही कारण है कि बच्चों को इसी मानसिक प्रेशर से बाहर निकालने के लिए उच्च शिक्षा विभाग, यूथ बोर्ड और मशहूर हास्य अभिनेता ख्याली सहारण एक ऐसा प्रोग्राम चलाने की योजना बना रहे हैं. जिसमें बच्चों को मुश्किल समय में भी लड़ना सिखाएंगे.

असफल होने पर बच्चे ऐसा कदम उठा लेते हैं जो उनके परिजनों के लिए जीवनभर का दर्द बनकर रह जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि बच्चे इस मानसिक प्रेशर को सहन नहीं कर पाते हैं. बच्चों को इस मानसिक प्रेशर से बाहर निकालने के लिए अब एक मॉटिवेशनल प्रोग्राम चलाने की योजना बनाई जा रही है. यह योजना बना रहे हैं मशहूर हास्य अभिनेता ख्याली सहारण. जीवन के संघर्ष को पार पाकर इस मुकाम पर पहुंचे ख्याली सहारण का कहना है कि बचपन में जीवन में बहुत सी समस्या थी, लेकिन कभी हार नहीं मानी. एक एक्सीडेंट में हाथ 9 जगह से टूट गया था, जीवन से हार मान ली थी, लेकिन मैंने कमजोरी को मेरी ताकत बनाया और आज परिणाम सबके सामने है.

नया सत्र शुरू होने के साथ ही ये प्रोग्राम प्रदेशभर की सभी स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में चलाया जाएगा. जिसमें एक घंटे की स्टेंडिंग कॉमेडी ख्याली सहारण द्वारा की जाएगी. ख्याली सहारण ने बताया की पिछले दिनों स्कूलों, कॉलेज ओर प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणाम आने के बाद कई असफल विद्यार्थियों ने अपनी जीवन लील समाप्त कर ली थी. जिसके बाद ये फैसला किया की ऐसे मोटिवेशनल प्रोग्राम चलाए जाएंगे जिससे बच्चे मानसिक तनाव से बाहर निकल सकें.

ख्याली सराहण ने बताया की प्रोग्राम में कॉमेटी के साथ ही पर्यावरण को बचाने का भी संदेश दिया जाएगा. इसके साथ ही एक आईएएस अधिकारी और एक डॉक्टर की टीम भी साथ रहेगी. जो बच्चों द्वारा मानसिक तनाव से निकलने के सवालों के जवाब देंगे.साथ ही बच्चों की काउंसलिंग भी की जाएगी. फिलहाल प्रदेश के 50 स्थानों पर इस प्रोग्राम को चलाने की योजना बनाई जा रही है. इसका सिर्फ एक ही उद्देश्य रहेगा, बच्चों को मानसिक तनाव से बाहर निकालना.