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जयपुर नगर निगम की कल की बैठक हो सकती है हंगामेदार, पार्षद कर सकते हैं विरोध

राजनैतिक गलियारों में ये भी चर्चा है की काम नहीं होने और मनमर्जी करने का आरोप लगाने वाले जनप्रतिनि अपनी चुनावी जमीन तलाश रहे हैं.

जयपुर नगर निगम की कल की बैठक हो सकती है हंगामेदार, पार्षद कर सकते हैं विरोध
इस बीच उप-महापौर ने महापौर विष्णु लाटा पर भी आरोप लगाया है. (फाइल फोटो)

जयपुर/रौशन शर्मा: जयपुर नगर निगम की सोमवार को होने वाली साधारण सभा में हंगामा होना तय माना जा रहा है. अफसरों से नाराज़ जनप्रतिनिधि साधारण सभा में हंगामा कर सकते हैं. इसे कुर्सी को बचाने की कवायद भी मानी जा रही है. प्रदेश में होने वाले निकाय चुनावों से पहले हो रही साधारण सभा अंतिम मानी जा रही हैं. इस दौरान जनता से जुड़े विकास कार्यों को स्वीकृति दिलवाना भी जरुरी है.

मिल रही जानकारी के अनुसार, नगर निगम की सोमवार को होने वाली कार्यकारिणी समिति की बैठक में पहली बार शहर के विकास से जुडा एक भी प्रस्ताव शामिल नही किया गया है. ऐसे में हर बार बोर्ड बैठक से पहले होने वाली कार्यकारिणी की इस बैठक को केवल रश्म अदायगी मात्र माना जा रहा है.

इन प्रस्तावों पर हो सकती है चर्चा
जानकारी के मुताबिक बैठक के लिए 6 प्रस्ताव तैयार किये गए हैं. वो सभी कर्मचारियों की बहाली और स्थाईकरण से जुडे हैं...इन प्रस्तावों में निलंबित कोर्डिनेटर करण सिंह और निलंबित निजी सहायक सुरेश जांगिड के खिलाफ एसीबी की रिपोर्ट के तहत बहाली की स्वीकृति देने से जुड़ा है. इसके अलावा फायरमेन के पद पर तेजपाल चौधरी और राधेश्याम देवडवाल के स्थाई करण की स्वीकृति देने, राजेन्द्र नागर को सहायक अग्निशमन अधिकारी के पद पर स्थाईकरण की स्वीकृति देने और उद्यान शाखा में कार्यरत अनुभवी कार्मिकों को सहायक निरीक्षक के पदो पर पदोन्नत करने का प्रस्ताव शामिल है.

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उपमहापौर ने मेयर पर साधा निशाना
उप महापौर मनोज भारद्वाज ने कार्यकारिणी समिति के प्रस्तावों को लेकर मेयर को निशाने पर लेते हुए बैठक के प्रस्तावों को मेयर के निजी एजेंडा बताया है.

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मेयर पार्षदों के विरोध का कर रहे सामना
जयपुर नगर निगम में मेयर विष्णु लाटा इस कार्यकाल के चौथे मेयर हैं. बीजेपी से बागी होकर चुनाव जीतने वाले विष्णु लाटा के सामने अब अपने ही पार्षदों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है. बीजेपी से बागी होकर लाटा के साथ रहने वाले चेयरमैन इन दिनों लाटा से नाराज दिखाए दे रहे हैं.

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राजनीतिक गलियारों में कुछ ऐसी है चर्चा
राजनैतिक गलियारों में ये भी चर्चा है की काम नहीं होने और मनमर्जी करने का आरोप लगाने वाले जनप्रतिनियों अपनी चुनावी जमीन तलाश रहे हैं. जिसके लिए ये राजनीतिक ड्रामा चल रहा है.