पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, करीब 15 घंटे तक घर में मृत पड़े रहे रोहित शेखर

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी की मौत गला दबाने और मुंह एवं नाक बंद करने के चलते दम घुटने से हुई थी. रोहित शेखर की पोस्टमोर्टम रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ. एम्स में पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने गुरुवार को हत्या का एक मामला दर्ज किया. 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, करीब 15 घंटे तक घर में मृत पड़े रहे रोहित शेखर
पुलिस ने रोहित के घर के सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की है जिसमें 5 कैमरे सही काम कर रहे हैं जबकि 2 खराब हैं.

नई दिल्ली: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी की मौत गला दबाने और मुंह एवं नाक बंद करने के चलते दम घुटने से हुई थी. रोहित शेखर की पोस्टमोर्टम रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ. एम्स में पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने गुरुवार को हत्या का एक मामला दर्ज किया. यह मामला जांच के लिए अपराध शाखा के पास भेज दिया. एम्स के पांच वरिष्ठ चिकित्सकों के एक मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया था. 

रिपोर्ट के हिसाब से मुंह किसी चीज़ से दबाया गया, जिससे वो सांस नहीं ले पाए और गला भी घोंटा गया जिससे उनकी मौत हो गई. मौत का समय 15 -16 अप्रैल की सुबह 1:30 बजे का है जबकि रोहित को 16 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे अस्पताल ले जाया गया,इसका मतलब वो करीब 15 घण्टे घर में ही मृत पड़ा रहा. 
 
शुक्रवार को क्राइम ब्रांच के बड़े अधिकारियों ने रोहित के डिफेंस कॉलोनी के घर आकर रोहित के घरवालों से पूछताछ की. रोहित की पत्नी अपूर्वा अभी दिल्ली से बाहर हैं. मौका ए वारदात की फोरेंसिक टीम ने भी जांच की है. रोहित अपनी मां ,पत्नी और भाई के साथ दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी इलाके में रहते थे. बीते मंगलवार यानी 16 अप्रैल को रोहित की मां उज्ज्वला दोपहर में साकेत इलाके के मैक्स अस्पताल मेडिकल जांच के लिए गई थीं, तभी उन्हें घर से नौकरों और उनके दूसरे बेटे सिद्धार्थ ने फोनकर बताया कि रोहित को नाक से खून निकल रहा है.  

रोहित की मां फौरन अस्पताल से एम्बुलेंस लेकर घर डिफेंस कॉलोनी में अपने घर पहुचीं और रोहित को लेकर वापस करीब 5 बजे मैक्स अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टरों ने रोहित को मृत घोषित कर दिया. रोहित के कोई बाहरी चोट का कोई निशान नहीं है, इसलिए शुरुआत में आशंका थी कि उसकी मौत दिल का दौरा पड़ने या ब्रेन हेम्ब्रेज की वजह से हुई हो. 

पुलिस ने रोहित के घर के सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की है जिसमें 5 कैमरे सही काम कर रहे हैं जबकि 2 खराब हैं. पुलिस के मुताबिक रोहित 12 अप्रैल को उत्तराखंड में काठगोदाम वोट डालने गए थे. उसके बाद वो 15 अप्रैल की रात करीब 11 बजे अपने डिफेंस कॉलोनी के घर आए, उस वक्त वो नशे में थे, सीसीटीवी फुटेज में वो दीवार के सहारे लड़खड़ाकर चलते हुए दिख रहे हैं. उसके बाद अगले दिन यानी 16 अप्रैल को करीब 16 घण्टे बाद घरवालों ने बताया कि उनकी नाक से खून निकल रहा है, उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई. उस वक़्त घर में रोहित की पत्नी अपूर्वा, भाई सिद्धार्थ और नौकर थे जबकि रोहित की मां उज्ज्वला अपनी मेडिकल जांच कराने के लिए पहले से अस्पताल गई थीं. पुलिस अब रोहित के नौकरों और घरवालों से पूछताछ कर रही है.