कुछ लोग निजी स्वार्थ के चलते देश में शांति नहीं चाहते हैं : मोहन भागवत
Advertisement

कुछ लोग निजी स्वार्थ के चलते देश में शांति नहीं चाहते हैं : मोहन भागवत

मोहन भागवत ने कहा, '70 साल हुए, हम आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन दुनिया में शांति उत्पन्न् हुई तो जिनके स्वार्थ की दुकान बंद होंगे, ऐसे लोग प्रयास कर रहे हैं कि देश की स्मृद्धि ना हो. इस प्रकार के प्रयास करने वाली शक्तियां दुनिया में हैं. अपने देश में भी हैं.'

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि कुछ लोग देश में अशांति चाहते हैं.

नागपुर: राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि दुनिया में कुछ लोग नहीं चाहते हैं कि शांति उत्पन्न हो. उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश में भी हैं जो नहीं चाहते हैं कि शांति रहे. मोहन भागवत ने कहा, '70 साल हुए, हम आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन दुनिया में शांति उत्पन्न् हुई तो जिनके स्वार्थ की दुकान बंद होंगे, ऐसे लोग प्रयास कर रहे हैं कि देश की स्मृद्धि ना हो. इस प्रकार के प्रयास करने वाली शक्तियां दुनिया में हैं. अपने देश में भी हैं.'

इससे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक शैक्षणिक संस्थान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया. आरएसएस ने यहां एक बयान में कहा कि भागवत ने यहां तिरंगे के महत्व के बारे में बात की और जो लोग वहां मौजूद थे उनसे भारत को विश्व गुरू बनाने के लिए संकल्प लेने को कहा. भागवत नारायणा समूह के संस्थानों के एक कार्यक्रम में पनकी में बोल रहे थे. 

fallback

उन्होंने तिरंगा को ऊर्जा और प्रेरणा का प्रतीक बताया. भागवत ने कहा कि राष्ट्र विरोधी ताकतें शांति भंग करने का प्रयास कर रही हैं जिससे पूरा विश्व प्रभावित हो रहा है. नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय में आरएसएस के ‘महानगर संघचालक’ राजेश लोया ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया.

Trending news