भारत की एक ऐसी जगह जहां इंसान और मगरमच्छ रहते हैं साथ- साथ

विश्व में कम ही ऐसी जगह होंगी जहा इंसान और मगरमच्छ एक साथ मिलजुलकर रहते हो.

भारत की एक ऐसी जगह जहां इंसान और मगरमच्छ रहते हैं साथ- साथ

लालजी पनसुरिया/निर्मल त्रिवेदी, आणंद: विश्व में कम ही ऐसी जगह होंगी जहा इंसान और मगरमच्छ एक साथ मिलजुलकर रहते हो. पर गुजरात में एक ऐसी जगह है जहां ये अद्भुत नजारा देखने को मिलता है. आणंद जिले गांव में कई सालों से मगरमच्छ और लोग एक साथ रहते हैं. यहां न तो मगरमच्छों से इंसान परेशान हैं और न इंसान से मगरमच्छ. विद्यानगर स्थित नेचर फाउंडेशन द्वारा पिछले 6 साल से मगरमच्छों की गिनती की जाती रही है और अब भी मगरमच्छों की गिनती अब भी जारी है. सामान्य तौर पर मगरमच्छ के हमले की या इंसानों द्वारा मगरमच्छों को मारने की खबर देखने या सुनने को मिलती है.

लेकिन आणंद जिले के इस गांव में 200 से ज्यादा मगरमच्छ रहते हैं और कभी भी इन मगरमच्छों द्वारा हमला नहीं किया गया है. स्थानीय लोगों के घरों में कई बार यह मगरमच्छ घुस आते हैं, लेकिन न कोई मगरमच्छ से डरता है न किसी इंसान से ये मगरमच्छ डरते हैं. जब भी मगरमच्छ घर में घुस आते हैं तो स्थानीय लोग एनजीओ या फारेस्ट विभाग के लोगों को फोन कर इसकी जानकारी दे देते हैं.

दुनियाभर में मगरमच्छ की अनेक प्रजाति रहती है, वही आणंद जिले में देसी मगरमच्छ भी रहते हैं. जिनकी हर बार गिनती भी अलग तरीके से की जाती है. यहां पर वनविभाग द्वारा बास्केट पद्धति से गिनती की जाती है और इस काम में पचास से भी ज्यादा निपुण और कुशल वालंटियर जुड़ते हैं. मगरमच्छों की गिनती का काम तीन से चार तीन लगातार दिन-रात चलता है.

जिसे पूरा होने तक जारी रखा जाता है. पिछले कई सालों से भारत में वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए जन जागृति आयी है. खासकर शेर, तेंदुआ,हिरन ,के साथ साथ मगरमच्छ की भी वैज्ञानिक तौर तरीको से गिनती की जाती है और साथ ही मगरमच्छ प्रजाति के संरक्षण के लिए खास तरह के कदम भी उठाये जा रहे हैं.