close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

ये है ISIS का 'डॉक्टर प्वाइजन', जिसने मुंब्रेश्वर मंदिर के महाप्रसाद में जहर मिलाने की रची थी साजिश

अबु किताल ने अपने फार्मिस्ट नॉलेज का फायदा उठाया और उसने ISIS के मिलिट्री साइंस चैनल में जो प्रोसेस और दिशा निर्देश दिए गए थे, उसके हिसाब से जहर बनाया था.

ये है ISIS का 'डॉक्टर प्वाइजन', जिसने मुंब्रेश्वर मंदिर के महाप्रसाद में जहर मिलाने की रची थी साजिश
अबु किताल का पुराना नाम जम्मान नवाब था.

नई दिल्लीः साल की शुरुआत में इस्लामिक स्टेट से संपर्क के शक में महाराष्ट्र से पकड़े गए 10 आतंकियों से हुई पूछताछ में एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने बड़ा खुलासा किया है. ATS की पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए दस लोगो में से अबू किताल नाम के आतंकी पर ही महाराष्ट्र के प्रसिद्ध मुंब्रेश्वर मंदिर के महाप्रसाद में मिलाए जाने वाले जहर को तैयार करने की जिम्मेदारी थी. अबु किताल का पुराना नाम जम्मान नवाब खुटेउपाड़ बताया जा रहा. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अबु किताल आईएसआईएस के इशारों पर जहर बना रहा था, जिसे मंदिर के महाप्रसाद में मिलाया जाना था.

बता दें आरोपी अबु किताल पेशे से फार्मिस्ट है और मुंबई के महानगरपालिका में कर्मचारी रह चुका है. मंदिर के महाप्रसाद में जहर मिलाने के लिए अबु किताल ने अपने फार्मिस्ट नॉलेज का फायदा उठाया और उसने ISIS के मिलिट्री साइंस चैनल में जो प्रोसेस और दिशा निर्देश दिए गए थे, उसके हिसाब से जहर बनाया था. जिसके बाद उसने जहर को सावधानीपूर्वक एक बोतल में संभाल कर रख दिया था. मिली जानकारी के मुताबिक अबु किताल को केमिकल साइंस और विस्फोटक की भी काफी जानकारी थी.

देखें लाइव टीवी

महाराष्ट्र: प्रसिद्ध मुंब्रेश्वर मंदिर के महाप्रसाद में जहर मिलाने की थी साजिश, ATS का खुलासा

ATS की पूछताछ में इन्होंने बताया कि उनका प्लान था कि वह काफिरों (non muslim ) को विस्फोटों और जहर के जरिये मौत की नींद सुला देंगे. जहर देकर लोगों को मारने के बाद इनकी योजना सीरिया देश के ISIS के कब्जे वाले इलाकों में जाकर वहां लड़ाई जारी रखने की थी. उनका माना था की अगर उन्होंने इंडिया में बड़ा कारनामा कर दिया तो उनकी ISIS मैं इज्जत बढ़ जाएगी और उन्हें वहां बड़ी पोस्ट मिलेगी.

ये लोग अपने ISIS से जुड़े सहकर्मियों से भी लगातार संपर्क मैं थे. सभी संदिग्ध घटना को अंजाम देने के बाद नेपाल और बांग्लादेश के रास्ते सीरिया भागने वाले थे. एटीएस ने अपनी चार्जशीट में यह भी कहा कि गिरफ्तार सभी संदिग्ध विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में थे और आरोपियों ने मंदिर परिसर की रेकी भी की थी. गिरफ्तारी से पहले इस दल में शामिल जम्मान, सलमान, वारिस और फहाद ने हाइड्रोजन पराक्साइड की मदद से विस्फोटकों का निर्माण किया था.