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महाराष्ट्र में चुनाव से पहले कांग्रेस और NCP में 'सियासी भगदड़', दो बड़े चेहरों ने थामा BJP का दामन

महाराष्ट्र (Maharashtra) में कांग्रेस (Congress) और एनसीपी (NCP) के नेताओं का पार्टी छोड़ बीजेपी (BJP) और शिवसेना (Shiv Sena) में जाने का सिलसिला और बढ़ गया है.

महाराष्ट्र में चुनाव से पहले कांग्रेस और NCP में 'सियासी भगदड़', दो बड़े चेहरों ने थामा BJP का दामन
पूर्व मंत्री गणेश नाइक ने भी बुधवार को बीजेपी का दामन थाम लिया

मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) में कांग्रेस (Congress) और एनसीपी (NCP) के नेताओं का पार्टी छोड़ बीजेपी (BJP) और शिवसेना (Shiv Sena) में जाने का सिलसिला और बढ़ गया है. बुधवार को पश्चिम महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता हर्षवर्धन पाटिल (Harshvardhan Patil) और शरद पवार (Sharad Pawar) के बेहद करीबी पूर्व मंत्री गणेश नाइक (Ganesh Naik) ने पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया. कांग्रेस के नेता पूर्व मंत्री कृपाशंकर सिंह और उर्मिला मातोंडकर (Urmila Matondkar) पहले ही कांग्रेस को अलविदा कह चुके हैं. सूबे में विधानसभा चुनाव (Assembly Election) सिर पर हैं और कांग्रेस और एनसीपी जैसे दलों से पार्टी छोड़ने वाले नेताओं की कतार लगी हुई है. सत्तारुढ़ दलों का दावा है कि विपक्ष के पचास से ज्यादा विधायक सत्तारुढ़ दलों को चुनाव से पहले ज्वाइन कर लेंगे.

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Election) से ऐन पहले कांग्रेस (Congress) की हालत और पतली हो चली है. कांग्रेस के पश्चिम महाराष्ट्र इलाके के कद्दावर कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री हर्षवर्धन पाटिल (Harshvardhan Patil) ने कांग्रेस को अलविदा कह बीजेपी (BJP) का दामन थाम लिया है. हर्षवर्धन पाटिल कांग्रेस और एनसीपी (NCP) गठबंधन सरकार में 1999 से 2014 के बीच चौदह साल तक अहम मंत्रालय संभाल चुके हैं. जबकि उससे पहले 1995 से 1999 तक हर्षवर्धन पाटिल शिवसेना-बीजेपी गठबंधन सरकार में पांच साल तक महाराष्ट्र (Maharashtra) की कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं. हर्षवर्धन पाटिल बुधवार को अपने समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए हैं.

चुनाव सिर पर हैं और कांग्रेस (Congress) को सूबे में तगड़े सियासी झटके लग रहे हैं. कांग्रेस के नेता पूर्व मंत्री कृपाशंकर सिंह और उर्मिला मातोंडकर (Urmila Matondkar) ने भी सोमवार को ही अलविदा कह दिया है. कांग्रेस के लिए आने वाला वक्त और भी मुसीबतों भरा है. पार्टी के कई विधायक (MLA) और कद्दावर नेता आने वाले दिनों में पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं. पश्चिम महाराष्ट्र के कांग्रेसी नेता हर्षवर्धन पाटिल ने एनसीपी (NCP) और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर विवादों के चलते पार्टी छोड़ दी है.

महाराष्ट्र (Maharashtra) में कांग्रेस का आलम यह है कि कई बड़े नेता हार के डर के चलते चुनावी मैदान से खुद को दूर रख रहे हैं. लोकसभा चुनाव के फौरन बाद वरिष्ठ नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने भी कांग्रेस (Congress) से इस्तीफा देकर फड़नवीस सरकार में शामिल होकर कैबिनेट मंत्रिपद हासिल कर लिया था. जबकि सातारा के विधायक जयकुमार गोरे भी इस्तीफा देकर भाजपा (BJP) में शामिल हो गए थे. मुंबई (Mumbai) के वडाला से कांग्रेस विधायक कालिदास कोलंबकर भी पहले ही बीजेपी में शामिल हो चुके हैं.

अब कांग्रेस (Congress) को डर है कि पार्टी में और सियासी भगदड़ मच सकती है. कांग्रेस के मुंबई (Mumbai) के मलाड से विधायक असलम शेख, पंढरपुर से भारत भालके और बुलढाणा चिखली से राहुल बोन्द्रे, सोलापुर अक्कलकोट से सिद्धाराम म्हेत्रे जैसे धाकड़ कांग्रेसी विधायक का पार्टी से मोहभंग हो गया है. उधर, कांग्रेस के साथ ही उसकी सहयोगी एनसीपी (NCP) की भी हालत बद से बदतर बनी हुई है.

एनसीपी (NCP) सुप्रीमो शरद पवार के बेहद करीबी और महाराष्ट्र के कद्दावर एनसीपी नेता गणेश नाइक ने शरद पवार (Sharad Pawar) का साथ छोड़ दिया है. पूर्व मंत्री गणेश नाइक ने भी बुधवार को बीजेपी का दामन थाम लिया है. गणेश नाइक (Ganesh Naik) कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन सरकार में 1999 से 2014 के बीच चौदह साल तक सूबे में बेहद अहम मंत्रालय संभाल चुके हैं. गणेश नाइक ने महाराष्ट्र (Maharashtra) में अपने सियासी सफर की शुरुआत शिवसेना (Shiv Sena) से की थी. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणणवीस के हाथों इन नेताओं का पार्टी में स्वागत हुआ.

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महाराष्ट्र में एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार (Sharad Pawar) अपनी पार्टी में फूटते बगावत के सुर को दबाने की तरकीबें तलाशने मे जुटे हैं. पार्टी नेताओं के दूसरे दलों का दामन थामने से रोकने की कवायद में पवार पार्टी नेताओं की बैठक पर बैठकें बुला रहे हैं. जिससे विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में फूटते बागी सुर को दबाया जा सके लेकिन पवार की कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं. पिछले ही दिनों पवार के बेहद करीबी पूर्व मंत्री मधुकरराव पिचड समेत 3 एनसीपी विधायक पार्टी छोड़कर बीजेपी ज्वाइन कर चुके हैं और कई और नेता पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं.

288 विधायकों वाली महाराष्ट्र विधानसभा (Maharashtra Assembly) में एनसीपी और कांग्रेस के विधायकों की फौज हर दिन घटती जा रही है. आए दिन दोनों पार्टियों के विधायक सत्तारुढ़ दलों का दामन थाम रहे हैं. सूबे में कांग्रेस को हाल में तगड़ा झटका तब लगा था जब महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने पार्टी छोड़ बीजेपी का दामन थामा और देवेंद्र फडणनवीस कैबिनेट में हाउसिंग मिनिस्टर भी बन बैठे. महाराष्ट्र में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने हैं और चुनाव से पहले एनसीपी और कांग्रेस की नींद उड़ी हुई है.