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बिहार-असम बाढ़ से हाहाकार, तो गुजरात कम बारिश से परेशान

अब तक गुजरात में केवल 24.16 प्रतिशत बारिश हुई है. राज्‍य में 75.84 प्रतिशत बारि‍श की कमी है. जो बारिश हुई है वह दक्षिण गुजरात के कुछ इलाकों में हुई है.

बिहार-असम बाढ़ से हाहाकार, तो गुजरात कम बारिश से परेशान

गौरव पटेल, अहमदाबाद: गुजरात में बारिश न गि‍रने के कारण और सरकार द्वारा सिंचाई का पानी न देने के कारण किसानों का बुरा हाल है. किसान खरीफ की फसल बोने में लगे थे. उनको उम्मीद थी कि  सरकार पानी देगी. लेकिन नहर के जरि‍ए पानी न देने के कारण खरीफ की फसल खत्म होने को है.

गुजरात में पानी की कमी नई बात नहीं है. देश भर में मॉनसून की शुरूआत हो गई है, लेकि‍न अभी तक गुजरात के कई इलाकों में मॉनसून ने दस्तक तक नहीं दी है. इसके चलते किसानों का बुरा हाल है. गुजरात में जून माह की 15 से 20 तारीख तक बारीश शुरू होती है. साथ में किसानों की खरीफ की फसल की बोवनी भी. लेकि‍न इस बार मानसून गुजरात के किसानों से रूठा है. जुलाई माह आधा हो गया है, लेकिन अब तक मानसून मन खोलकर बरसा नहीं है.  किसानों ने मानसून की उम्‍मीद में जो फसल बोयी थी वो खत्म हो गई है.

गुजरात में बादल ऐसे रूठे हैं कि किसानों को सूखा पड़ने और फसलें चौपट होने का डर सताने लगा है. मानसून के अगले कुछ हफ्ते भी कमजोर रहने की संभावना है. गुजरात सरकार ने किसानों को खरीफ फसल के लिए नर्मदा का पानी देने की घोषणा की थी, लेकि‍न अब तक उस पर कोई अमल नहीं हुआ है. किसानों का कहना है कि जिन किसानों को पानी की जरूरत है, उन्हें ही पानी नहीं मिलता. इस बार पिछले साल की तुलना में ज्यादा पानी नर्मदा डेम मे आया था. इसके बावजूद किसानों को देने के लिए सरकार के पास पानी नहीं है.

हजारों एकड़ धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई, यदि अब पानी नहीं मिला तो फसल बर्बाद होने के पूरे आसार हैं. किसानों को पानी मि‍लने में अभी भी चार दिनों का वक्त लगेगा.  

अब तक गुजरात में केवल 24.16 प्रतिशत बारिश हुई है. राज्‍य में 75.84 प्रतिशत बारि‍श की कमी है. जो बारिश हुई है वह दक्षिण गुजरात के कुछ इलाकों में हुई है. आज भी गुजरात के सौराष्ट्र, मध्य गुजरात और उत्तर गुजरात समेत कई  इलाकों में बारि‍श न होने के कारण अकाल की स्थिति पैदा हुई है.