सीपीआई ने तेलंगाना सरकार से की मांग, 12वीं कक्षा के परिणाम में गड़बड़ी की हो न्यायिक जांच

भाकपा के राष्ट्रीय सचिव के नारायण ने कहा कि राज्य सरकार को ग्लोबरीना टेक्नोलॉजी कंपनी को प्रतिबंधित कर देना चाहिए.

सीपीआई ने तेलंगाना सरकार से की मांग, 12वीं कक्षा के परिणाम में गड़बड़ी की हो न्यायिक जांच
राज्य में 25 छात्रों ने आत्महत्या कर ली थी. (फोटो साभार: Youtube/videograb)

नई दिल्ली: भाकपा ने शुक्रवार को तेलंगाना सरकार से मांग की कि वह 12वीं कक्षा की परीक्षा के परिणाम में कथित गड़बड़ी को लेकर उच्च स्तरीय न्यायिक जांच करे. इस गड़बड़ी के कारण राज्य में 25 छात्रों ने आत्महत्या कर ली थी.

भाकपा के राष्ट्रीय सचिव के नारायण ने कहा कि राज्य सरकार को ग्लोबरीना टेक्नोलॉजी कंपनी को प्रतिबंधित कर देना चाहिए जिसे जवाहरलाल नेहरू टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी हैदराबाद (जेएनटीयूएच) ने 12वीं की परीक्षा की उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन का काम सौंपा था.

अनुग्रह राशि देने की मांग की
उन्होंने केवल राज्य के शिक्षा मंत्री को निलंबित करने की ही मांग नहीं की, बल्कि सरकार से अनुरोध किया कि परिणाम की घोषणा के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के शोकसंतप्त परिवारों को भी एक करोड़ रुपए की अनुग्रह राशि दी जाए.

ग्लोबरीना की बताई गलती
नारायण ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘कम से कम 25 छात्रों ने आत्महत्या कर ली. एक छात्र जिसे 99 प्रतिशत अंक मिले थे, परिणाम की घोषणा में उसे शून्य अंक मिले दिखाए गए और 33 प्रतिशत अंक हासिल करने वालों के अंक भी शून्य दिखाए गए. ग्लोबरीना की इस गलती के कारण छात्रों ने आत्महत्या कर ली.’’ 

उच्च स्तरीय जांच की मांग की
भाकपा नेता ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दावा किया कि पार्टी ने राज्य के राज्यपाल को 2015 में सूचित कर दिया था कि ग्लोबरीना ‘‘फर्जी’’ कंपनी है और इसके बाद जेएनटीयूएच के साथ समझौता रद्द कर दिया गया था.

उन्होंने कहा,‘‘ यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि तेलंगाना सरकार ने 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए इसी कंपनी के साथ करार किया.’’  उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच के लिए उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश वाली एक उच्च स्तरीय समिति का तत्काल गठन किया जाना चाहिए.