आरे मेट्रो पर रोक: उद्धव सरकार के फैसले फडणवीस ने उठाए सवाल, बोले- मुंबईकरों को नुकसान
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आरे मेट्रो पर रोक: उद्धव सरकार के फैसले फडणवीस ने उठाए सवाल, बोले- मुंबईकरों को नुकसान

सीएम उद्धव ठाकरे ने मुंबई की आरे कॉलोनी में मेट्रो कार शेड प्रोजेक्ट के काम पर रोक लगा दी है.

बीजेपी नेता फडणवीस ने उद्धव सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं. (फाइल फोटो)

मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने शुक्रवार को मुंबई की आरे कॉलोनी में चल रहे मेट्रो कार शेड प्रोजेक्ट पर रोक लगा दी. इस पर राज्य के पूर्व सीएम और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार मुंबई में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के बारे में गंभीर नहीं है. इससे मुंबईवासियों का ही नुकसान होगा.

फडणवीस ने एक के बाद एक लगातार मराठी और अंग्रेजी भाषा में दो ट्वीट किए. पहले ट्वीट में पूर्व सीएम ने लिखा, ''यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद आरे मेट्रो कारशेड कार्य पर रोक लगा दी. इससे पता चलता है कि मुंबई इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के बारे में राज्य सरकार गंभीर नहीं है! आखिर में इससे सिर्फ आम मुंबईकर का ही नुकसान है.''

दूसरे ट्वीट में फडणवीस लिखते हैं, ''जापान की जेआईसीए ने इस मेट्रो परियोजना के लिए नाममात्र की ब्याज दरों पर 15,000 करोड़ रुपए दिए थे. इस तरह के फैसले निवेशकों को भविष्य के लिए निराश करेंगे और सभी इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स ठप हो जाएंगे, जो पहले से ही पिछले 15 साल के शासन में इतने लंबे समय से टलते आ रहे थे.'' फडणवीस ने अपने इन दोनों ट्वीट के साथ #SaveMetroSaveMumbai (मेट्रो बचाओ, मुंबई बचाओ) भी लिखा है.

शपथ ग्रहण के 24 घंटे के भीतर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा, ''मैंने आज आरे मेट्रो कार शेड परियोजना के काम को रोकने का आदेश दिया है. मेट्रो का काम नहीं रुकेगा, लेकिन अगले निर्णय तक आरे का एक भी पत्ता नहीं कटेगा.'' ठाकरे ने कहा, ''मैं पहला मुख्यमंत्री हूं जो मुंबई में पैदा हुआ. यह मेरे दिमाग में चल रहा है, मैं शहर के लिए क्या कर सकता हूं.''

मालूम हो कि मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमएमआरसीएल) ने मुंबई की आरे कॉलोनी में 40 घंटों से भी कम समय में स्वीकृत 2,185 में से 2,141 पेड़ काट डाले थे. अक्टूबर माह में इसका विरोध करने वाले पर्यावरण कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया था. आरे में पेड़ों की कटाई का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां शीर्ष न्यायालय ने पेड़ काटने पर रोक लगा दी थी. इस मामले में 21 अक्टूबर तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था. हालांकि अब तक 80 फीसदी पेड़ कटे जा चुके थे. इस मामले में 16 नवंबर को अपनी एक सुनवाई में अदालत की दो सदस्यीय बेंच ने फैसले की अवधि को बढ़ाते हुए अगले महीने फिर सुनवाई करने की बात कही.

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