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राहुल गांधी के कश्मीर दौरे पर मायावती का सवाल, 'जाने से पहले विपक्षी नेताओं को सोचना चाहिए था'

मायावती ने कहा, 'बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर हमेशा ही देश की समानता, एकता व अखण्डता के पक्षधर रहे हैं इसलिए वे जम्मू-कश्मीर राज्य में अलग से धारा 370 का प्रावधान करने के कतई भी पक्ष में नहीं थे.

राहुल गांधी के कश्मीर दौरे पर मायावती का सवाल, 'जाने से पहले विपक्षी नेताओं को सोचना चाहिए था'
देश में संविधान लागू होने के लगभग 69 वर्षों के उपरान्त इस धारा 370 की समाप्ति के बाद अब वहां पर हालात सामान्य होने में थोड़ा समय अवश्य ही लगेगा. इसका थोड़ा इंतजार किया जाए तो बेहतर है. (फाइल फोटो)

नई दिल्लीः जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के समर्थन करने वाली बीएसपी नेता मायावती ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कश्मीर पर सवाल उठाए है. बीएसपी सुप्रीमो ने कहा है कि विपक्षी नेताओं को कश्मीर जाने से पहले सोचना चाहिए था. मायावती ने कहा है कि जम्मू कश्मीर में हालात सामान्य होने में अभी थोड़ा समय लगेगा. उन्होंने कहा कि इसके लिए थोड़ा इंतजार किया जाए तो बेहतर होगा. मायावती ने  कहा है कि विपक्ष का बिना अनुमति के वहां जाना केंद्र और राज्यपा को राजनीति करने का अवसर देने जैसा है. मायावती ने सोमवार (26 अगस्त) को एक के बाद एक तीन ट्वीट कर करके राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं के जम्मू कश्मीर जाने पर सवाल उठाए हैं. 

मायावती ने अपने पहले ट्वीट में लिखा, 'जैसाकि विदित है कि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर हमेशा ही देश की समानता, एकता व अखण्डता के पक्षधर रहे हैं इसलिए वे जम्मू-कश्मीर राज्य में अलग से धारा 370 का प्रावधान करने के कतई भी पक्ष में नहीं थे. इसी खास वजह से बीएसपी ने संसद में इस धारा को हटाये जाने का समर्थन किया....

....लेकिन देश में संविधान लागू होने के लगभग 69 वर्षों के उपरान्त इस धारा 370 की समाप्ति के बाद अब वहां पर हालात सामान्य होने में थोड़ा समय अवश्य ही लगेगा. इसका थोड़ा इंतजार किया जाए तो बेहतर है, जिसको माननीय कोर्ट ने भी माना है.'

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मायवती ने आगे कहा, 'ऐसे में अभी हाल ही में बिना अनुमति के कांग्रेस व अन्य पार्टियों के नेताओं का कश्मीर जाना क्या केन्द्र व वहां के गवर्नर को राजनीति करने का मौका देने जैसा इनका यह कदम नहीं है? वहां पर जाने से पहले इस पर भी थोड़ा विचार कर लिया जाता, तो यह उचित होता.'

गौरतलब है कि जम्‍मू और कश्‍मीर से मोदी सरकार की ओर से हटाए गए अनुच्‍छेद 370 के बाद वहां के हालात जानने के लिए विपक्षी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल राहुल गांधी के साथ शनिवार (24 अगस्त) को श्रीनगर पहुंचा था. लेकिन उन्‍हें श्रीनगर एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकलने दिया गया. उन्‍हें 11 अन्‍य विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ वापस दिल्‍ली भेज दिया गया था.

राहुल गांधी के साथ श्रीनगर पहुंचने वाले  विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल में डी राजा, शरद यादव, माजिद मेमन और मनोज झा भी शामिल थे. सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी और अन्‍य कांग्रेसी नेताओं को श्रीनगर एयरपोर्ट से बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी. जम्‍मू और कश्‍मीर प्रशासन ने राहुल गांधी के दौरे पर आपत्ति जताई है. प्रशासन का कहना है कि हम लोगों को आतंकवाद से बचाने में जुटे हैं. नेताओं के दौरे से जम्‍मू-कश्‍मीर के लोगों को परेशानी होगी.

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वहीं लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक पर तंज कसा है. अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि सत्यपाल मलिक को जम्मू कश्मीर बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बना देना चाहिए. कांग्रेस नेता ने कहा कि जम्मू कश्मीर के राज्यपाल बीजेपी नेता की व्यवहार तरह कर रहे हैं. 

कांग्रेस नेता ने कहा, 'जम्मू कश्मीर में अगर सबकुछ सही है जो विपक्षी नेताओं को जाने क्यों नहीं दिया जा रहा है. राहुल गांधी को भी बुलाकर जाने नहीं दिया गया. राज्यपाल की कथनी और करनी में अंतर है.'

जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद राहुल गांधी द्वारा राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने के पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने उन्हें जम्मू कश्मीर आने का न्योता दिया था. जिसे राहुल गांधी ने स्वीकार करते हुए राज्यपाल सत्यपाल मलिक से आने के दिन और समय के बारे में पूछा था.