close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

मनी लॉन्ड्रिंग: कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली जमानत

इससे पहले राॅउज एवेन्यू कोर्ट ने डीके शिवकुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी थी.निचली अदालत में शिवकुमार की जमानत का ईडी ने विरोध किया था.

मनी लॉन्ड्रिंग: कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली जमानत
फाइल फोटो.

नई दिल्ली: मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) मामले में गिरफ्तार कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) को दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) से मिली जमानत. 25 लाख के निजी मुचलके पर मिली जमानत. बिना कोर्ट की इजाजत के देश नहीं छोड़ सकेंगे शिवकुमार. दिल्ली हाईकोर्ट ने डीके शिवकुमार को निर्देश दिया है कि वह ईडी की जांच में सहयोग करेंगे. 

इससे पहले राॅउज एवेन्यू कोर्ट ने डीके शिवकुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी थी.निचली अदालत में शिवकुमार की जमानत का ईडी ने विरोध किया था. ईडी की ओर से पेश ASG ( एडिशनल सॉलिसिटर जनरल) केएम नटराज ने कहा था कि ये एक गम्भीर आर्थिक अपराध है, ऐसे अपराध देश की अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है.इनसे सख्ती से निपटने की ज़रूरत है, राष्ट्रहित सर्वोपरि है.

नटराज ने कहा था कि शिवकुमार सवालों से बचते रहे, उन्होंने जांच में सहयोग नहीं दिया. जब उनसे खेती की ज़मीन की बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कुछ भी पता न होने की बात कहकर टाल दिया,सीधे सवालो के बेतुके जवाब उन्होंने दिए.

शिवकुमार की समाज में गहरी पैठ है, लेकिन इससे बड़ी गहरी साजिश इस केस में नजर आती है, जिसका खुलासा ज़रूरी है.ज़मानत देने पर वो सबूतो से छेड़छाड़ कर सकते है. IT जांच के दौरान कुछ गवाहों ने बयान दिये, लेकिन 7-8 महीने बाद वो पलट गए.उनको आरोपी की ओर से प्रभावित किया गया.शिवकुमार की ओर से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि ED के अधिकारी बार बार बड़ी रकम के बरामद होने की बात कर रहे है लेकिन इसे साबित करने वाले दस्तावेज व सबूत कहां है? हर दिन ED के अधिकारी रकम को बढ़ाते रहते है. मुझे बन्द रखने के लिए ED केस को ग्लोरीफाई कर रही है.

यह भी पढ़ेंः कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार की बेटी ऐश्वर्या की मुश्किलें बढ़ीं, ED ने पूछताछ के लिए भेजा नोटिस

अब आखिर कौन से दस्तावेजो के साथ मैं छेड़छाड़ कर सकता है.सारे दस्तावेज तो ED के कब्जे में है.एजेंसी रेड करके करके सारे दस्तावेजो को पहले ही अपने कब्जे में ले चुकी है मैंने कोई दस्तावेजों की हेराफेरी नहीं की है,कोई राष्ट्रीय सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है.अभी सिर्फ ज़मानत अर्जी पर जिरह हो रही है,इस स्टेज पर केस की मेरिट पर जाने की ज़रूरत नहीं है.पिछले 22 दिनों से मुझसे हर रोज 9 घन्टे पूछताछ हो रही है अगर मैं पूछताछ में इनके कहे मुताबिक गुनाह नहीं कबूल रहा तो ये आरोप लगा रहे है कि मैं सवालो से बच रहा हूं.