Breaking News
  • दिल्‍ली हिंसा पर कांग्रेस ने राष्‍ट्रपति को ज्ञापन सौंपा
  • सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह समेत कई नेता राष्‍ट्रपति से मिले
  • अखिलेश यादव सीतापुर के लिए निकले. जेल में बंद सपा नेता आजम खां व उनके परिवार से करेंगे मुलाकात

प.बंगालः रथयात्रा की अनुमति न देने के खिलाफ BJP की अपील पर SC सुनवाई को तैयार

सर्वोच्च न्यायालय 8 जनवरी को बीजेपी की अपील पर सुनवाई करेगा.

प.बंगालः रथयात्रा की अनुमति न देने के खिलाफ BJP की अपील पर SC सुनवाई को तैयार
फाइल फोटो

नई दिल्लीः पश्चिम बंगाल में रथयात्रा की इजाज़त नहीं देने के कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ राज्य बीजेपी की अपील पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार हो गया है. सर्वोच्च न्यायालय 8 जनवरी को बीजेपी की अपील पर सुनवाई करेगा.दरअसल, आज बीजेपी की ओर से अपील पर चीफ जस्टिस की बेंच से जल्द सुनवाई की मांग की गई.जिसपर चीफ जस्टिस की बेंच ने मामले को 8 जनवरी के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया.आपको बता दें कि बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर हाईकोर्ट की डिवीजन के फैसले पर रोक लगाने की मांग है.

कोलकाता में बीजेपी की प्रस्तावित गणतंत्र बचाओ रथयात्रा पर कलकत्ता हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने रोक लगा दी थी. वहीं, इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने बीजेपी की प्रस्तावित गणतंत्र बचाओ रथयात्रा को मंजूरी दे दी थी, जिसे राज्य सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा था. इसके बाद ममता सरकार हाईकोर्ट के एकल बेंच के इस फैसले के खिलाफ डिवीजन बेंच के पास पहुंची थी. 

गौरतलब है कि ममता सरकार ने राज्य में सांप्रदायिक शांति व्यवस्था का हवाला देते हुए राज्य में बीजेपी की गणतंत्र रथयात्रा को अनुमति देने से इनकार कर दिया था. जिसके बाद बीजेपी ने हाईकोर्ट में राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करने के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के इस फैसले को रद्द कर दिया था. जिसके बाद अब ममता सरकार ने हाईकोर्ट के एकल बेंच के इस फैसले को चुनौती दी थी. जिस पर हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ सुनवाई की और रथयात्रा पर फिर से रोक लगा दी थी. 

इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी की गणतंत्र रथयात्रा को अनुमति नहीं देने संबंधी राज्य सरकार के आदेश को यह कहते हुए रद्द कर दिया था कि रथ यात्रा से होने वाला खतरा काल्पनिक आधार पर नहीं हो सकता है. साथ ही यात्रा को अनुमति देते हुए कोर्ट ने यह भी कहा था कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि यात्रा के दौरान राज्य में किसी भी तरह से कानून व्यवस्था का उल्लंघन न हो और यह यात्रा शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हो.