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कॉलेजियम ने 5 न्यायाधीशों को उच्च न्यायालयों का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की

कॉलेजियम ने न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजोग का हाल ही बंबई हाईकोर्ट तबादला होने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश का पद रिक्त होने के तथ्य के मद्देनजर न्यायमूर्ति रवीन्द्र भट की नियुक्ति की सिफारिश की है.

कॉलेजियम ने 5 न्यायाधीशों को उच्च न्यायालयों का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की
फाइल फोटो

नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने पांच न्यायाधीशों को राजस्थान, केरल, मेघालय, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है. कॉलेजियम ने जिन न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश की है उनमें दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस रवीन्द्र भट, केरल हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी आर रामचंद्र मेनन, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए के मित्तल, इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और बंबई हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए एस ओका शामिल हैं.

कॉलेजियम ने न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजोग का हाल ही बंबई हाईकोर्ट तबादला होने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश का पद रिक्त होने के तथ्य के मद्देनजर न्यायमूर्ति रवीन्द्र भट की नियुक्ति की सिफारिश की है.

कॉलेजियम ने न्यायमूर्ति रवीन्द्र भट के नाम की सिफारिश करते हुये कहा कि वह इस तथ्य से अवगत है कि इस प्रस्तावित नियुक्ति के बाद दिल्ली हाईकोर्ट से तीन मुख्य न्यायाधीश होंगे जिसका राष्ट्रीय राजधानी का हाईकोर्ट होने की वजह से विशेष स्थान है.

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद से न्यायमूर्ति ए के त्रिपाठी के त्यागपत्र की वजह से हुये रिक्त स्थान पर न्यायमूर्ति मेनन की नियुक्ति की सिफारिश की गयी है. कॉलेजियम ने न्यायमूर्ति मेनन को हर तरह से छत्तीसगढ़ उच्च न्यायाधीश के मुख्य न्यायाधीश के पद के लिये उपयुक्त पाया और इसी आधार पर उनकी नियुक्ति की सिफारिश की है. इस तरह से अब केरल हाईकोर्ट से दो मुख्य न्यायाधीश हो जायेंगे.

मेघालय हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद से न्यायमूर्ति एम वाई मीर के सेवानिवृत्त होने की वजह से खाली हुये पद पर न्यायमूर्ति मित्तल की नियुक्ति की सिफारिश की गयी है. इस प्रस्ताव के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से दो मुख्य न्यायाधीश हो जायेंगे. प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अध्यक्षता मे आठ अप्रैल को कॉलेजियम की बैठक हुयी जिसमे न्यायमूर्ति एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति एन वी रमण शामिल थे.