देशभर में आज मौनी अमावस्या की धूम, लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी

देशभर में आज मौनी अमावस्या मनाई जा रही है। माघ मेले में मौनी अमावस्या में शामिल होने के लिए इलाहाबाद में अब तक यहां करीब 10 लाख लोग पहुंच चुके हैं। इससे पहले मौनी व सोमवती अमावस्या 23 फरवरी 2012 को एक साथ आई थीं। अब तीन साल बाद 4 फरवरी 2019 में फिर से आएंगी। श्रद्धालु यूपी के इलाहाबाद यानी त्रिवेणी और उत्तराखंड के हरिद्वार यानी हरकी पौड़ी में स्नान के लिए भारी संख्या में उमड़ पड़े है।

देशभर में आज मौनी अमावस्या की धूम, लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी

नई दिल्ली: देशभर में आज मौनी अमावस्या मनाई जा रही है। माघ मेले में मौनी अमावस्या में शामिल होने के लिए इलाहाबाद में अब तक यहां करीब 10 लाख लोग पहुंच चुके हैं। इससे पहले मौनी व सोमवती अमावस्या 23 फरवरी 2012 को एक साथ आई थीं। अब तीन साल बाद 4 फरवरी 2019 में फिर से आएंगी। श्रद्धालु यूपी के इलाहाबाद यानी त्रिवेणी और उत्तराखंड के हरिद्वार यानी हरकी पौड़ी में स्नान के लिए भारी संख्या में उमड़ पड़े है।

मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान का बड़ा महत्व है। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन मौन व्रत रखकर गंगा स्नान कर दानपुण्य करने से मनुष्य के सभी पाप समाप्त होते हैं। इलाहाबाद में सुबह से ही स्नान करनेवालों की भारी भीड़ जमा है। अबतक प्राप्त जानकारी के मुताबिक लगभग 10 लाख लोग गंगा में स्नान करेंगे और यह सिलसिला सुबह से जारी है। घाटों पर साधु संतों के आश्रम, धर्मशालाओं में श्रद्धालुओं ने डेरा जमा लिया है। विभिन्न थानों की पुलिस घाटों पर व्यवस्था के लिए तैनात की गई है। लाखों श्रद्धालुओं के स्नान को देखते हुए पुलिस ने व्यवस्था बनाई है।

इस बार एक साथ मौनी और सोमवती अमावस्या का विशेष संयोग बन रहा है। शास्त्रों के अनुसार इस महासंयोग में दान-पुण्य का कई गुना अधिक फल मिलेगा। शास्त्रों के मुताबिक मौनी अमावस्या के दिन पवित्र संगम में देवताओं का निवास होता है। इस दिन त्रिवेणी स्थल पर स्नान से तन की शुद्धि, मौन रहने से मन की शुद्धि और दान देने से धन की शुद्धि और वृद्धि होती है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन गंगा में स्नान करने से दैहिक (शारीरिक), भौतिक , दैविक (ग्रहों गोचरों का दुर्योग) तीनों प्रकार के मनुष्य के पाप दूर हो जाते हैं।