अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर मनमाने तरीके से टैरिफ लगा रखा है. पिछले साल उन्होंने सबसे पहले रेसिप्रोकल टैरिफ को बढ़ाकर 25 फीसदी किया.
India China: भारत और चीन के बीच रिश्ते काफी सुधर रहे हैं. इन दोनों देशों के बीच खासकर के व्यापार क्षेत्र में काफी तरक्की दिख रही है और दोनों देश काफी नजदीक आते हुए दिख रहे हैं. अब अमेरिका की एक रिपोर्ट ने इन दोनों देशों को भड़काने की कोशिश की है.इसपर चीन ने करारा जवाब दिया है.
India-China: ट्रंप टैरिफ की वजह से भारत और अमेरिका के बीच अभी तक द्विपक्षीय व्यापार समझौता(BTA) पूरा नहीं हो सका है. वहीं, अमेरिका के साथ बढ़े व्यापार तनाव के बीच भारत-चीन में नजदीकियां देखी जा रही हैं. इसका फायदा भारत को चीन से मिलने वाले कई सामानों पर हो सकता है, जिसमें से एक दवा के लिए कच्चे माल भी शामिल है.
Indo-China Deal: चीन की तरफ से टेक्निशियन नहीं आने से प्रोडक्शन में अरबों का नुकसान हो रहा था. वीजा संबंधी नए नियम लागू होने के बाद एक्सपर्ट भारत आसानी से आ सकेंगे और प्रोजेक्ट्स पर फिर से काम किया जा सकेगा.
India Rare Earth Elements: रेअर अर्थ वहीं दुर्लभ धातु है, जिसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चीन के सामने बैकफुट पर जाने को मजबूर कर दिया. धरती को वो दुर्लभ खजाना जिसके दाम पर चीन अपनी धौंस अमेरिका समेत दुनियाभर के देशों को दिखाता है.
India China agree to continue active communication: गलवान घाटी की वो खूनी रात भूल कौन सकता है? 2020 में जब 20 जवान शहीद हुए थे, इसके बाद भारत और चीन के रिश्तों में बर्फ जम गई थी, लेकिन अब 5 साल बाद एक अच्छी खबर सामने आई है. भारत-चीन ने बॉर्डर पर सक्रिय संवाद शुरू कर दिया. जाने पूरी बात.
डॉक्यूमेंट्री 'पर्ल टाउन' यह दर्शाती है कि चीन-भका व्यापार बड़े महानगरों से आगे बढ़कर छोटे शहरों के विशेष और उच्च मूल्य वाले क्षेत्रों तक पहुंच चुका है. यह सहयोग भारतीय व्यवसायियों के नजरिये को बदल रहा है. जहां चीन केवल निर्माता नहीं, बल्कि प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, सह-निर्माण और संयुक्त मूल्य निर्माण में साझेदार बनकर उभर रहा है.
भारत और रूस का रिश्ता दो पक्के दोस्तों की तरह है. दशकों से दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग, ऊर्जा आपूर्ति और विश्वास का बंधन का पुराना याराना है. हालांकि, बदलते वैश्विक समीकरणों में अमेरिका और चीन का महत्व और भी बढ़ गया है.
भारत ने रक्षा शक्ति के क्षेत्र में एक और स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है. DRDO ने परमाणु क्षमता से लैस इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) अग्नि-5 (Agni-V) का सफल परीक्षण कर लिया है. इस परीक्षण के बाद भारत दुनिया के उन 8 शक्तिशाली देशों के क्लब में मजबूती से शामिल हो गया है, जिनके पास यह विनाशकारी तकनीक है. यह मिसाइल क्यों है 'गेम-चेंजर'? और क्यों इससे चीन और पाकिस्तान की चिंता बढ़ गई है? जानिए इस वीडियो में. अग्नि-5 की खासियतें आपको इस वीडियो में बता रहे हैं. इसकी मारक क्षमता: 5000 किलोमीटर से भी ज्यादा है. पूरा चीन, पाकिस्तान, यूरोप और अफ्रीका के कई हिस्से इसकी जद में रहेगा.
भारत और नेपाल के 'रोटी-बेटी' के रिश्ते में एक बार फिर सीमा विवाद की आग भड़क गई है. चीन के साथ लिपुलेख दर्रे से व्यापार शुरू करने के भारत के फैसले ने नेपाल को क्यों नाराज़ कर दिया है? इस वीडियो में हम 1816 की सुगौली संधि से लेकर आज तक, इस पूरे विवाद की जड़ को आसान भाषा में समझेंगे और जानेंगे कि इस geopolitics की पहेली में चीन का क्या रोल है. इस वीडियो में आप समझेंगे कि ताज़ा विवाद क्यों शुरू हुआ? (भारत-चीन की लिपुलेख व्यापार डील.) नेपाल का पक्ष: नेपाल इस इलाके पर अपना दावा क्यों करता है? भारत का करारा जवाब: भारत के दावे कितने मजबूत हैं?
अब तक भारत ने अपनी ‘मल्टी-एलाइनमेंट पॉलिसी’ के जरिए सभी देशों से रिश्ते बैलेंस रखने की कोशिश की, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया फैसले ने इस बैलेंस को डगमगाने पर मजबूर कर दिया है.
Vladimir Putin To Visit India Soon Amid Trump Tariff Threat: अमेरिका से मची तनातनी के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आ रहे हैं. गुरुवार को मॉस्को में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के हवाले से बताया गया कि राष्ट्रपति पुतिन इस साल के अंत में भारत का दौरा करेंगे.
देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने SCO (शंघाई सहयोग संगठन) समिट में आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई है. चीन में हुई रक्षा मंत्रियों की बैठक में राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की मौजूदगी में पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ देश आतंकवाद के समर्थक हैं और भारत आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा. इस खबर की सबसे बड़ी बात यह है कि भारत ने SCO के संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया है.
G20 Summit: जोहांसबर्ग में विदेश मंत्री जयशंकर और चीनी समकक्ष वांग यी (Wang Yi) ने मुलाकात की. इस दौरान भारत-चीन के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई. माना जा रहा है कि दोनों के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा (Kailash Mansarovar Yatra) और SCO के मैनेजमेंट पर काफी गहराई से मंथन होने की खबर आई.
चीन से आने वाले निवेश पर भारत की ओर से लगाई गई रोक फिलहाल हटने वाली नहीं है. भारत इस बैन को फिलहाल हटाने के मूड में नहीं है. भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने इस बारे में खुलकर बात की.
Kailash Mansarovar Yatra: भारत-चीन के बीच डायरेक्ट फ्लाइट (Delhi Beijing direct flight) फिर शुरू होगी और कैलाश मानसरोवर यात्रा का मार्ग खुलेगा. विदेश सचिव विक्रम मिस्री और चीन के विदेश मंत्री वांग यी की मुलाकात ( Wang Yi meets Vikram Misri) के बाद यह निर्णय लिया गया.
India China Import Export: चीन भारत को एक्सपोर्ट के जरिए कई क्षेत्रों में नुकसान पहुंचाने की फिराक में है. ड्रैगन द्वारा भारत पर निर्यात प्रतिबंध लगाने से उसे खुद भी बड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कुछ सप्ताह पहले चीन के साथ तनाव कम करने के लिए हुए समझौते के बारे में मंगलवार को लोकसभा में बयान दिया. उन्होंने कहा कि इस सरकार का रुख स्पष्ट है कि बीजिंग के साथ संबंधों के विकास के लिए सीमा पर शांति जरूरी है.
पूर्वी लद्दाख के डेपसांग और डेमचोक इलाकों में चीनी सैनिकों के बीच पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है...बताया गया कि चीन की आर्मी LAC के पास सैन्य बुनियादी ढांचे को खत्म कर चुका है..तभी तो कहते हैं...झुकता है चीन..झुकाने वाला चाहिए..भारत ने घोषणा की थी कि उसने पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर गश्त करने के लिए चीन के साथ समझौता कर लिया है, जो इस क्षेत्र में चार साल से चल रहे सैन्य गतिरोध को समाप्त करने में एक बड़ी सफलता है...उसके बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री के बीच अहम बैठक हुई। इस दौरान... जयशंकर ने कहा LAC और समझौतों का सम्मान हो.
LAC Patrolling: सेना के एक सूत्र ने कहा कि स्थानीय कमांडर स्तर पर बातचीत चल रही है. सूत्रों ने 25 अक्टूबर को बताया था कि सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया 28-29 अक्टूबर तक पूरी होने की संभावना है.
बड़ी खबर आ रही है... पूर्वी लद्दाख सेक्टर में भारत और चीन के सैनिकों की डिसइंगेजमेंट शुरू हो गई है... दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के अनुसार ये कदम उठाया जा रहा है... पूर्वी लद्दाख सेक्टर में डेमचोक और देपसांग मैदानों में 2 बिंदुओं पर सैनिक पीछे हट रहे हैं... अस्थाई टेंट को हटाया जा रहा है... जून 2020 में गलवान घाटी में हुई भीषण झड़प के बाद दोनों एशियाई देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए थे... अब इस समझौते से भारत और चीन की सीमा पर टकराव खत्म होने का संकेत मिल रहा है.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर पेट्रोलिंग व्यवस्था को लेकर हुए भारत-चीन समझौते को 'सकारात्मक कदम' बताया. हालांकि उन्होंने परिणामों के बारे में बहुत जल्दी अनुमान न लगाने की सलाह दी.