बीजेपी अपने समर्थकों के शव को ले जाना चाहती थी कोलकाता, पुलिस ने रोका, मचा बवाल

बंगाल के उत्तरी 24 परगना के संदेशखाली क्षेत्र में शनिवार को हुई हिंसा के लिए भाजपा और तृणमूल कांग्रेस एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं.

बीजेपी अपने समर्थकों के शव को ले जाना चाहती थी कोलकाता, पुलिस ने रोका, मचा बवाल
फोटो साभारः ANI

संदेशखाली (पश्चिम बंगाल): बंगाल के उत्तरी 24 परगना के संदेशखाली क्षेत्र में शनिवार को हुई हिंसा के लिए भाजपा और तृणमूल कांग्रेस एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. तीन लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं और कई अन्य ‘लापता’ हैं. भाजपा ने अपने दो समर्थकों के शव उत्तरी 24 परगना जिले के बशीरहाट से कोलकाता ले जाने की कोशिश की लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस हुई. भाजपा नेतृत्व ने बाद में शवों को दोनों मृतक कार्यकर्ताओं के गांवों में ले जाने का फैसला किया.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से मौजूदा हालात पर परामर्श जारी करके ‘गहरी चिंता’ व्यक्त की है. बशीरहाट के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डी मुखर्जी ने बताया कि शनिवार को तीन शवों को बशीरहाट अस्पताल में लाया गया. इन तीन शवों की पहचान सुकांत मंडल, प्रदीप मंडल और कयूम मोल्लाह के रूप में हुई है.

सुकांत और प्रदीप भाजपा समर्थक थे जबकि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने बताया कि कयूम उनकी पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता थे. राज्य के भाजपा महासचिव सयानतन बासु ने शनिवार को बताया कि तीन पार्टी कार्यकर्ताओं सुकांत मंडल, प्रदीप मंडल और शंकर मंडल की गोरी मार कर हत्या कर दी गई जबकि राज्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने बताया कि उनके कार्यकर्ता की मौत झड़प में हुई.

स्थानीय भाजपा नेताओं ने दावा किया कि भंगीपारा गांव के शंकर मंडल और देबदास मंडल लापता हैं. पुलिस और जिला प्रशासन इस पूरी घटना को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं और मृतकों की संख्या को लेकर कोई बयान सामने नहीं आया है. पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने बताया कि मृतकों के परिवार वालों ने श‍व ले जाने की अनुमति दे दी है और पुलिस हमें इस तरह नहीं रोक सकती है.

घोष अर्थी के साथ मौजूद थे. सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखते हुए भाजपा नेता मुकुल रॉय ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर अपनी बैठकों और भाषणों के जरिए बंगाल में राजनीतिक शत्रुता बढ़ाने का आरोप लगाया. रॉय रविवार को पार्टी के सात सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व इस हिंसाग्रस्त क्षेत्र में करेंगे. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के पांच सदस्य मारे गए हैं और कई अन्य लापता हैं.

रॉय ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर संवाददाताओं से बात करते हुए आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस का स्थानीय नेता शाहजहां शेख भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुए हमले का षडयंत्रकर्ता है. वहीं राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक का कहना है कि हो सकता है कि तृणमूल कांग्रेस के लापता कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई हो.

मल्लिक भी यहां राज्य मंत्रियों के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘ हमें आशंका है कि तृणमूल कांग्रेस के छह कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई हो और उनके शवों को पानी में फेंक दिया गया हो.’’  उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर एक जुलूस के दौरान हमला कर दिया.

मंत्री ने यह भी दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत अपने ही ‘लोगों द्वारा’ चलाई गई गोली में हुयी है. तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के सूत्रों ने शनिवार को दावा किया कि क्षेत्र में भगवा झंडे हटाने को लेकर झड़प शुरू हुई थी. स्थानीय नेता ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस के जुलूस के दौरान हिंसा भड़क उठी थी और कई दुकानों और घरों में तोड़फोड़ हुई.

यह क्षेत्र बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र में आता है और तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार नुशरत जहां यहां तीन लाख मतों से जीती थी.