अमेरिका ने पाकिस्‍तान को याद दिलाया उसका वादा, कहा- 'आतंकवाद को न दे पनाह'

अमेरिका ने कहा, 'सीमा पार आतंकवाद और हाल ही में भारत के सीआरपीएफ पर आतंकी हमले से इस क्षेत्र की सुरक्षा को बड़ा खतरा पहुंच रहा है.'

अमेरिका ने पाकिस्‍तान को याद दिलाया उसका वादा, कहा- 'आतंकवाद को न दे पनाह'
अमेरिका ने दी पाकिस्‍तान को चेतावनी. फाइल फोटो

नई दिल्‍ली : आतंकवाद को अपनी जमीन पर पनाह देने वाले पाकिस्‍तान को अमेरिका ने एक बार फिर चेताया है. अमेरिका ने कहा, 'सीमा पार आतंकवाद और हाल ही में भारत के केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) पर आतंकी हमले से इस क्षेत्र की सुरक्षा को बड़ा खतरा पहुंच रहा है.' अमेरिका पाकिस्‍तान को उसके वादे की भी याद दिलाई. अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि हम अपील करते हैं कि पाकिस्तान, आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह देना और धन मुहैया कराना बंद करने की, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से की गई अपनी प्रतिबद्धता का पालन करे.

 

पुलवामा हमले के बाद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के खिलाफ की गई भारतीय वायुसेना की कार्रवाई का अमेरिका ने भी समर्थन किया है. अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने बुधवार रात को भारत के राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल से फोन पर बातचीत की. इस दौरान उन्‍होंने जैश-ए-मोहम्‍मद के खिलाफ की गई भारत की कार्रवाई का समर्थन किया. इस दौरान उन्‍होंने डोभाल से कहा कि पाकिस्‍तानी जमीन पर जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकी कैंपों पर भारत की कार्रवाई का अमेरिका समर्थन करता है.


अजित डोभाल और माइक पॉम्पियो के बीच हुई बातचीत. फाइल फोटो 

बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव से चिंतित अमेरिका ने बुधवार को परमाणु शक्ति संपन्न दोनों देशों से तनाव कम करने के लिए तुरंत कदम उठाने की अपील की. उसने आगाह किया कि आगे से किसी भी ओर से की गई सैन्य कार्रवाई से दोनों देशों के लिये जोखिम की आशंका अस्वीकार्य रूप से बहुत ज्यादा है.

14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में एक आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था.

व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) के एक अधिकारी ने कहा, "अमेरिका भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित है और उसने दोनों पक्षों से तनाव कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया है." नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर एनएससी के अधिकारी ने समाचार एजेंसी भाषा को बताया, "आगे से किसी भी ओर से सैन्य कार्रवाई होने से दोनों देशों, उनके पडो़सियों और विश्व समुदाय के लिए जोखिम की आशंका अस्वीकार्य रूप से बहुत ज्यादा है.''