उत्तर प्रदेश में हिंसक प्रदर्शन की SIT जांच के आदेश, राज्य के 8 जिलों में इंटरनेट बंद

उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ 10 दिसंबर से अब तक हुए प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्तियों को नुक़सान पहुंचाने वालों पर बड़ी कार्रवाई की जा रही है. 

उत्तर प्रदेश में हिंसक प्रदर्शन की SIT जांच के आदेश, राज्य के 8 जिलों में इंटरनेट बंद
योगी सरकार 372 हिंसक प्रदर्शनकारियों की संपत्ति ज़ब्त करने की तैयारी में है.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में हिंसक प्रदर्शनों की एसआईटी जांच के निर्देश दिए गए है. कल जुमे की नमाज के लिए यूपी के सभी ज़िलों में सुरक्षा बढ़ाई गई है. उत्तर प्रदेश के 8 ज़िलों गाजियाबाद, बुलंदशहर, आगरा, संभल, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, सहारनपुर और फिरोजाबाद में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है. इसके अलावा, प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ 10 दिसंबर से अब तक हुए प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों पर बड़ी कार्रवाई की जा रही है. योगी सरकार (Yogi Govt) 372 हिंसक प्रदर्शनकारियों की संपत्ति जब्त करने की तैयारी में है. नागरिकता कानून के विरोध के दौरान दंगा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को लेकर उत्तर प्रदेश में अब तक कुल 373 लोगों को संपत्ति जब्त का नोटिस दिया गया है.

सबसे ज्यादा मुरादाबाद में 200 उपद्रवियों की संपत्ति ज़ब्त करने का नोटिस दिया गया है. लखनऊ में 110, फ़िरोज़ाबाद में 29 और गोरखपुर में 34 उपद्रवियों को संपत्ति ज़ब्त करने का नोटिस दिया गया है. उधर, नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान यूपी में अब तक 19 लोगों की मौत हुई है. यूपी में 288 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. 61 पुलिसकर्मी फ़ायर आर्म्स में घायल हुए हैं.

पूरे प्रदेश में अबतक 213 एफआईआर दर्ज 
नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन, तोड़फोड़ और आगजनी में 10 दिसंबर से अब तक की कार्रवाई में पूरे प्रदेश में अब तक कुल 213 एफआईआर दर्ज हुई है. 925 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. 5558 लोगों के खिलाफ निषेधात्मक कार्रवाई की गई है. सोशल मीडिया में आपत्तिजनक पोस्ट डालने के मामलों में 81 एफआईआर दर्ज की गई है. 120 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. 7513 ट्विटर पोस्ट, 9076 फेसबुक पोस्ट, 172 यूट्यूब वीडियो पर कार्रवाई की गई है. ये आंकड़े डीजीपी मुख्यालय ने जारी किए हैं. 

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लखनऊ हिंसा के तीनों मास्टरमाइंड से पूछताछ जारी
उधर, लखनऊ हिंसा के तीनों मास्टरमाइंड से आईबी की टीम पूछताछ कर रही है. कोर्ट ने तीनों को 14 दिन के रिमांड पर भेजा हुआ है. पुलिस सभी एंगल पर कर रही है पूछताछ पश्चिम बंगाल के रहने वाले लड़के इस हिंसा में शामिल होने के बाद से पुलिस अब कॉल डिटेल और सीडीआर की मदद से कई साथियों का पता लगा रही है. पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े कई लोग पुलिस की सख्ती के बाद अंडरग्राउंड हो गए हैं. हिंसा भड़काने के आरोप में पुलिस इस संगठन के प्रदेश अध्यक्ष इंदिरानगर निवासी वसीम अहम, प्रदेश कोषाध्यक्ष बाराबंकी. निवासी नदीम और डिवीजन प्रेसीडेंट अशफाक गिरफ्तार कर चुकी है. इन्ही तीनों से IB पूछताछ कर रही है.

(इनपुट: संजय विश्वकर्मा)