देश की नागरिकता पर सस्ती सियासत क्यों? अफवाह के नाम पर देश की ब्लैकमेलिंग कब तक
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देश की नागरिकता पर सस्ती सियासत क्यों? अफवाह के नाम पर देश की ब्लैकमेलिंग कब तक

नागरिकता कानून को लेकर गुरुवार को देश में कई जगहों पर प्रदर्शन हुआ. प्रदर्शनकारियों ने विरोध प्रदर्शन के नाम पर सभी सीमाओं को तोड़ दिया.

देश की नागरिकता पर सस्ती सियासत क्यों? अफवाह के नाम पर देश की ब्लैकमेलिंग कब तक

नई दिल्ली : नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act) को लेकर गुरुवार को देश में कई जगहों पर प्रदर्शन (CAA Protest) हुआ. सरकार के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार करने के लिए और इस विरोध का राजनीतिक फायदा लेने के लिए लोग सड़कों पर उतरे. देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन की वजह से आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ. सड़कें जाम रहीं, कई मेट्रो ट्रेन के स्टेशन को बंद कर दिया गया. देश के नागरिकों को संविधान ने विरोध प्रदर्शन का अधिकार दिया है लेकिन विरोध शांतिपूर्ण रहे इस बात का ख्याल रखना प्रदर्शनकारियों का दायित्व है. लेकिन प्रदर्शनकारियों ने आज विरोध प्रदर्शन के नाम पर सभी सीमाओं को तोड़ दिया. 

पटना में एंबुलेंस में आग लगी दी. यूपी के संभल में प्रदर्शनकारियों ने बस फूंक दी. अहमदाबाद में पुलिस पर पथराव किया गया. दिल्ली में प्रदर्शन की वजह से कई इलाकों में सड़कें बंद रहीं जिससे लोग जाम में फंसे रहे इसके अलावा हंगामे की वजह से आज दिल्ली के कई मेट्रो स्टेशनों को बंद करना पड़ा और कई इलाकों में इंटरनेट को बंद करना पड़ा. ऐसे में ये सवाल उठता है अफ़वाह के नाम पर देश की ब्लैकमेलिंग कब तक?
देश की नागरिकता पर सस्ती सियासत क्यों?
 
नागरिकता पर कांग्रेस का 'तब और अब' 
कांग्रेस कार्यकारिणी प्रस्तावना (25 नवंबर 1947) में कहा गया कि हम पाकिस्तान के उन सभी गैर-मुस्लिमों को पूर्ण सुरक्षा देने के लिए बाध्य है जो अपने जीवन और सम्मान की रक्षा करने के लिए सीमा पार कर भारत आए हैं या आने वाले हैं. देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 18 दिसंबर 2003 को अपने एक बयान में कहा था कि बंटवारे के बाद हमारे पड़ोसी देश बांग्लादेश में धार्मिक आधार पर नागरिकों का उत्पीड़न 
किया गया, अगर ये प्रताड़ित लोग हमारे देश में शरण के लिए पहुंचते हैं तो इन्हें शरण देना हमारा नैतिक दायित्व है. 

मुस्लिमों के लिए विपक्ष का 'भ्रमजाल' ?
अगर मुस्लिम नहीं डरे तो वोट बैंक में ताला लग जाएगा. अगर मुस्लिम नहीं डरे तो डर की राजनीति खत्म हो जाएगी. अगर मुस्लिम नहीं डरे तो हिंदू-मुस्लिम की सियासत बंद हो जाएगी. अगर मुस्लिम नहीं डरे तो मंदिर-मस्जिद की दुकानदारी बंद हो जाएगी. 

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देश में दंगे करवाने की साजिश रच रही ISI
सुरक्षा एजेंसियां के हवाले से खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI देश मे दंगे करवाने की साजिश रच रही है. भारत में अवैध रूप से रह रहे मुस्लिम घुसपैठियों और रोहिंग्या को ISI फंडिंग करा रही है. देशभर में संवेदनशील शहरो में पथराव करने और माहौल खराब करने के लिए ISI फंडिंग करवा रही है. दिल्ली में हुई जामिया हिंसा सीलमपुर जाफराबाद  हिंसा में भी ये एंगल को देखा जा रहा है. देशभर की एंटी टेरर युनिट खंगाल रही हैं. कई संदिग्ध फोन कॉल और हजारों व्हाट्सएप ग्रुप पर नजर बनाए हुए हैं. 

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